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शाह से खफा कांग्रेस पहुँची आयोग

शाह से खफा कांग्रेस पहुँची आयोग

नई दिल्ली. 5 अप्रैल 2014

amit shah


नरेंद्र मोदी के निकट सहयोगी अमित शाह की मुजफ्फरनगर दंगों पर की गई टिप्पणी से राजनीतिक गलियारे में तूफान खड़ा हो गया है और कांग्रेस ने शाह की गिरफ्तारी की मांग की है.

शाह के बचाव में उतरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उनके भाषण में कहीं दोष नजर नहीं आ रहा है.

मुजफ्फरनगर में शाह ने कथित रूप से कहा था कि 'यह चुनाव उस सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए है जिसने जाटों के हत्यारों को मुआवजा दिया. यह बदला लेने और इज्जत बचाने के लिए होने जा रहा है.'

उनके साथ भाजपा विधायक सुरेश राणा भी मौजूद थे. राणा मुजफ्फरनगर हिंसा मामले के आरोपी हैं. मुफ्फरनगर में हुई हिंसा में 60 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए. मारे गए लोगों में ज्यादातर मुस्लिम थे.

'भड़काऊ भाषण' के लिए शाह पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शनिवार को शिकायत की. कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने के कारण' उन्हें चुनाव प्रचार से महरूम करने की मांग की है.

कांग्रेस ने भाजपा और मोदी के खिलाफ 'कठोर कार्रवाई' की मांग की है. आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने भाजपा की मान्यता रद्द करने की मांग की है.

पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, "भाजपा, मोदी और अमित शाह राजनीति में वही घृणा और सांप्रदायिक विभेद पैदा करना चाहते हैं जो उन्होंने 2002 में गुजरात में किया."

जनता दल यू ने भी अमित शाह के बयान की निंदा की और कहा कि यह 'क्षेत्रीय पार्टियों की राज्य सरकारों के लिए चेतावनी है कि यदि मोदी प्रधानमंत्री बने तो सभी राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया जाएगा.'

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने हालांकि कहा, "हमें अमित शाह के बयान में कुछ भी गलत नजर नहीं आ रहा है."सके जवाब में उन्होंने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम से सोनिया गांधी की अपील पर उठे विवाद को तूल देने की कोशिश की और कहा कि यह चुनाव को ध्रुवीकृत करने का प्रयास है.
 


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