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नहीं रहे सुनील

नहीं रहे सुनील

भोपाल. 22 अप्रैल 2014

सुनील


मध्यप्रदेश में आदिवासियों की लड़ाई लड़ने वाले सुनील नहीं रहे. समाजवादी जन परिषद के महासचिव सुनील का सोमवार की रात दिल्ली में निधन हो गया. सुनील को पिछले सप्ताह ब्रेन हेमरेज के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

समाजवादी आंदोलनों में लगातार सक्रिय रहे सुनील महान समाजवादी चिंतक किशन पटनायक के निकटतम लोगों में से थे. वे पिछले कुछ सालों से किशन पटनायक द्वारा स्थापित पत्रिका सामयिक वार्ता का संपादन भी कर रहे थे. उन्होंने पत्रिका को एक अलग तेवर दिया था. सुनील ने खुद भी कई सामयिक मुद्दों पर किताबें लिखी थीं. वे हिंदी के कई महत्वपूर्ण अखबारों के स्तंभकार थे.

सुनील उन चुनिंदा लोगों में से थे, जिन्होंने लेखन के अलावा लगातार जन आंदोलनों में भी सक्रिय भूमिका निभाई. वे मध्यप्रदेश के केसला के आदिवासी बहुल तवा नदी बाँध क्षेत्र में विस्थापन विरोधी और आर्थिक पुनर्निर्माण आन्दोलन के संस्थापक कार्यकर्ता थे. जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के अध्येता रहे सुनील केसला के सुदूर आदिवासी गाँव में ही स्थायी रूप से सपरिवार बस गए थे.


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