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परमाणु हथियारों में कमी लायेगा अमरीका

परमाणु हथियारों में कमी लायेगा अमरीका

वॉशिंगटन. 02 मार्च 2010


दुनिया भर में परमाणु क्षमता में कमी और अपनी क्षमता लगातार बढ़ाते रहने के जबरदस्त पैरोकार अमरीका ने अपने देश के परमाणु हथियारों में भी कटौती की घोषणा की है. अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश के रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स से मुलाकात के बाद उम्मीद जताई कि अमरीका की इस पहल से विश्व शांति के प्रयासों को मदद मिलेगी.

ओबामा ने पिछले साल ही घोषणा की थी कि वे ऐसी दुनिया में विश्वास करते हैं, जहां परमाणु हथियारों की कोई जगह नहीं है. अमरीका और रुस के बीच इस बात को लेकर लगातार बातचीत चल रही है कि दोनों देश अपने परमाणु हथियारों में कमी लायें. ऐसे समय में ओबामा के ताज़ा बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पिछले साल जुलाई में ही परमाणु हथियारों में कमी लाये जाने के मुद्दे पर अमेरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेडवेडव ने दस्तख़त किए थे, जिसके तहत दोनों देश अपने स्ट्रैटेजिक वारहेड्स और स्ट्रैटेजिक डिलीवरी में कमी लाने पर सहमत हुए थे.

दोनों देशों के बीच शीत युद्ध के बाद हुई संधि 'स्ट्रैटजिक आर्म्स रिडक्सन ट्रीटी' (स्टार्ट 1) की अवधि पांच दिसंबर, 2009 को खत्म हो गई है, ऐसे में दोनों देश नई संधि को मूर्त रूप देने के लिए वार्ता कर रहे हैं. पिछले महीने ही रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई लावरोव का बयान आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि "राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव और बराक ओबामा एवं सैन्य प्रमुखों के बीच हुई वार्ता में नई संधि से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझा लिया गया है. अगर हम इन समझौतों पर अमल करते हैं तो जल्द ही एक नई संधि मूर्त रूप ले सकती है."

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