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रामदेव के खिलाफ मानहानि का केस

रामदेव के खिलाफ मानहानि का केस

अहमदाबाद. 10 मई 2014

ramdev


राहुल गांधी के दलितों के यहां हनीमून मनाने वाली टिप्पणी पर बाबा रामदेव के खिलाफ 1000 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति वाला मानहानि दावा दायर किया गया है. यह मामला अहमदाबाद की एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) अंबेडकर कारवां की तरफ से दाखिल किया गया है.

संस्था की अध्यक्षा रत्ना वोरा द्वारा दीवानी अदालत में दाखिल अर्जी के अनुसार, रामदेव ने दलित समुदाय विशेषकर दलित महिलाओं के खिलाफ मानहानि कारक टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि इस राशि को पूरे देश भर में दलितों के कल्याण में खर्च किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि रामदेव ने कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून और पिकनिक मनाने जाते हैं. इस बयान की कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों और दलित समुदाय ने तीव्र विरोध किया था और रामदेव के खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हुई थी.

इससे पहले शुक्रवार को इस मामले में बाबा रामदेव को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली. न्यायालय ने रामदेव के खिलाफ फिलहाल सभी न्यायिक प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी थी.

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश आर. एम. लोढ़ा, न्यायमूर्ति ए. के. पटनायक, न्यायमूर्ति के. एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति एस. एस. निज्जर की पीठ ने उन राज्यों को नोटिस जारी किया है जहां के नाराज लोगों ने शिकायत या एफआईआर दर्ज कराया है.

शिकायतों और एफआईआर पर सभी प्रकिया राकते हुए अदालत ने सभी शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए रामदेव की सभी मामलों को एक साथ जोड़ने और उन्हें लखनऊ या अन्य किसी दूसरी जगह की अदालत में स्थानांतरित करने की मांग पर जवाब मांगा था.