पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >बिहार Print | Share This  

जीतन राम मांझी होंगे बिहार के सीएम

जीतन राम मांझी होंगे बिहार के सीएम

पटना. 19 मई 2014

जीतन राम मांझी


बिहार की नीतीश कुमार सरकार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रहे जीतन राम मांझी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे. इस्तीफा दे चुके नीतीश कुमार ने मांझी का नाम प्रस्तावित किया है.

मांझी के नाम की प्रस्तावना के बाद सोमवार शाम नीतीश कुमार, जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ मांझी राजभवन पहुंचे और राज्यपाल डी़ वाई़ पाटील से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.

महादलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले 68 वर्षीय मांझी बिहार में वर्ष 2008 से ही मंत्री रहे हैं. मांझी गया जिले के महकारा गांव के निवासी हैं और जहानाबाद जिले के मखदूमपुर क्षेत्र के विधायक हैं.

जद (यू) विधायक दल ने रविवार को नीतीश को ही फिर नेता चुना, लेकिन नीतीश नहीं माने, इसके बाद सोमवार को दोबारा हुई बैठक में नीतीश को ही अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. नीतीश ने कुछ घंटे सोच-विचार के बाद जीतन राम मांझी का नाम प्रस्तावित किया.

नीतीश को उम्मीद है कि महादलित समुदाय से आने वाले मांझी के मुख्यमंत्री बनने से पार्टी को इस समुदाय का फिर से समर्थन मिलेगा.

मांझी ने बचपन में बाल मजदूरी की, फिर कई दफ्तरों में क्लर्की करने के बाद राजनीति में आए और मंत्री बने. वह गया से लोकसभा चुनाव भी लड़े थे, मगर तीसरे स्थान पर रहे.

नए मुख्यमंत्री के रूप में मांझी के नाम का ऐलान करने के बाद नीतीश कुमार ने अपने इस्तीफे पर एक बार फिर सफाई देते हुए कहा, "मैंने नैतिक मूल्यों के आधार पर इस्तीफा दिया है. मैंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनी. यह बात समझी जानी चाहिए. मैंने किसी भावावेश में नहीं, बल्कि सोच-समझ कर इस्तीफा दिया है."


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in