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मानहानि मामले में जेल भेजे गए केजरीवाल

मानहानि मामले में जेल भेजे गए केजरीवाल

नई दिल्ली. 21 मई 2014

arvind kejriwal


दिल्ली की एक अदालत ने अरविंद केजरीवाल को भाजपा नेता नितिन गडकरी द्वारा दाखिल किए गए मानहानि के मामले में निजी मुचलका भरने से इंकार करने पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. केजरीवाल को 23 मई तक तिहाड़ जेल में भेजा गया है.

महानगर दंडाधिकारी गोमती मनोचा ने केजरीवाल को 10,000 रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने इससे इंकार कर दिया.  गडकरी को भ्रष्ट कहने के मामले में अदालत ने केजरीवाल को सम्मन भेजा था.

केजरीवाल ने इससे पहले अदालत से कहा था कि वह निजी मुचलका नहीं भरेंगे, क्योंकि यह मामला राजनीतिक प्रकृति का है. इसके बजाय उन्होंने अदालत की हर सुनवाई में पेश होने का वादा किया था. आप नेता ने अदालत से कहा, "मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं. मैं जमानत नहीं लूंगा, क्योंकि मैंने कोई गलती नहीं की है."

केजरीवाल के वकील ने अदालत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मानहानि के अन्य मामले में उन्हें इस आधार पर जमानत मिल गई है, जिसमें उन्होंने हर सुनवाई के दौरान अदालत में पेश होने का वचन दिया था.

न्यायाधीश ने कहा, "मैं पूरी तरह सहमत हूं लेकिन जमानत के लिए निजी मुचलका भरने में क्या समस्या है."'

अदालत ने कहा, "यह ऐसा मामला नहीं है कि वित्तीय अक्षमता की वजह से आरोपी निजी मुचलका भरने में अक्षम है. आरोपी जमानत राशि व निजी मुचलका न भरने को लेकर अड़ा हुआ है."

दंडाधिकारी मनोचा ने कहा कि अदालत की प्रक्रिया आरोपी की मर्जी से छोड़ी नहीं जा सकती. मनोचा ने कहा कि आरोपी द्वारा जमानत राशि और निजी मुचलका जमा करने से इंकार करने की स्थिति में अदालत उन्हें हिरासत में भेज रही है. उन्होंने कहा, "आरोपी को न्यायिक हिरासत में ले जाया जाए और 23 मई को अदालत के सामने पेश किया जाए."

भाजपा नेता गडकरी के वकील ने केजरीवाल की अपील का विरोध किया. गडकरी ने अपनी शिकायत में कहा था कि 31 जनवरी को केजरीवाल ने देश के सर्वाधिक भ्रष्ट लोगों की सूची जारी की थी, जिसमें गडकरी का भी नाम शामिल था. गडकरी ने अदालत से कहा था कि केजरीवाल द्वारा दिए गए झूठे, आधारहीन, मानहानि भरे बयान से उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है.