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नवाज शरीफ कश्मीर का मुद्दा लेकर आएंगे भारत

नवाज शरीफ कश्मीर का मुद्दा लेकर आएंगे भारत

इस्लामाबाद. 22 मई 2014

नवाज शरीफ


नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह के बाद पाकिस्तान चाहता है कि कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर भारत के नये प्रधानमंत्री ठोस बात करें. हालांकि पाकिस्तान इस पूरे मामले में अमरीका को बतौर मध्यस्थ भी शामिल करना चाहता है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई तरह की बातें राजनीतिक गलियारे में तैर रही हैं. जिनमें सबसे अहम मुद्दा भारत प्रशासित कश्मीर का है.

इधर पाकिस्तान विदेश विभाग की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा है कि नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद वह भारत के साथ 'सार्थक वार्ता' की उम्मीद करता है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ गुरुवार को यह निर्णय लेंगे कि वह मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे या नहीं.

पत्रकारों से बातचीत में तसनीम असलम ने कहा कि भारत ने सोमवार को नई दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए शरीफ को निमंत्रण भेजा है और इस बारे में आज निर्णय लिया जाएगा. यदि शरीफ किसी वजह से नई दिल्ली नहीं जा पाते हैं, तो प्रतिनिधि का चुनाव किया जाएगा.

हालांकि माना जा रहा है कि इस तरह से नवाज शरीफ के बजाये किसी प्रतिनिधि को भेजा जाना सामान्य शिष्टाचार का उल्लंघन होगा. लेकिन पाकिस्तानी सरकार का रुख यही है कि पाकिस्तानी कट्टरपंथियों को ध्यान में रख कर किसी भी तरह का लचिला रुख अपनाना बेहतर नहीं है. कट्टरपंथी समूह का मानना है कि नरेंद्र मोदी के चुनाव से भारत में कट्टरपंथ को बढ़ावा मिलेगा और यह कट्टरपंथ मुसलमानों के हित में नहीं है. नवाज शरीफ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शरीफ भारत उसी शर्त पर जायें, जब भारत कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत के लिये तैयार हो.


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