पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >कला >बात Print | Share This  

हीरोपंती से मिला एक्शन हीरो?

हीरोपंती से मिला एक्शन हीरो?

मुंबई. 24 मई 2014

हीरोपंती


फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ की हीरोपंती को लेकर माना जा रहा है कि मुंबइया फिल्मों को एक और एक्शन हीरो मिल गया है. हालांकि उनकी तुलना किसी मुंबईया से करने के बजाये उनके प्रशंसक जैकी चेन से कर रहे हैं. लेकिन जाहिर तौर पर जैकी चेन जैसी न तो उनकी स्टाइल है और ना ही उसकी फिलहाल कोई गुंजाइश.

वैसे भी हीरोपंती की जैसी ओपनिंग की उम्मीद थी, वह हो नहीं पाई. फिल्म एक बार दक्षिण में चल भी जाती लेकिन वहां शुक्रवार को ही सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म कोचादैयां धूम मचा रही है.

वैसे भी हीरोपंती की कहानी लोगों को जम नहीं रही है. हीरोपंती की कुल जमा कहानी इतनी भर है कि जाटों के इलाके में डान की बेटी शादी वाली रात अपने प्रेमी के साथ भाग जाती है. गांव के जाट चौधरी साहब राकेश के तीन दोस्तों का अपहरण कर डालते हैं. इनमें एक टाइगर श्राफ भी है. टाइगर श्राफ चौधरी साहब को मूर्ख बनाता रहता है.

हीरोपंती करने वाले टाइगर श्राफ ने जिस लड़की को अपहरण से पहले अपना दिल दिया है, वो चौधरी की बेटी निकलती है. अपहरण के बाद चौधरी के घर रह कर दोनों का प्यार फलता-फूलता है और कहानी खत्म हो जाती है.

जाहिर है, फिल्म के निर्देशन के लिये आपका नाम शब्बीर खान होना चाहिये और यकीन मानें, यही इस फिल्म के निर्देशक का नाम है, जिन्होंने कमबख्त इश्क जैसी एक और ऐसी ही फिल्म बनाई थी. हीरोपंती फिल्म में घटनाएं इस कदर घटती हैं कि आप निर्देशक को लेकर कोई भी विचार मन में ला सकते हैं. कहीं कोई तर्क नहीं, क्यों कोई सीन है, इसको लेकर भी निर्देशक की सोच क्या है, जान पाना मुश्किल है.

आने वाले दिनों में क्या होगा, इस बारे में कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दीबाजी होगी. लेकिन टाइगर श्राफ को लांच करने के हिसाब से यह फिल्म कोई बेहतर विकल्प नहीं है, यह कहना अनुचित नहीं होगा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

anil [] gurgaon - 2014-05-24 06:03:15

 
  very bad stori nothing songs also very bad 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in