पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

माफ़ी की वह माँग तो भाव-विभोर करने वाली थी

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

रेल किरायों में भारी इजाफा

रेल किरायों में भारी वृद्धि

नई दिल्ली. 20 जून 2014

rail


केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सभी श्रेणियों के रेलयात्री किराये में 14.2 फीसदी और मालभाड़े में 6.5 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की है. बढ़े हुए रेल किराए 25 जून से लागू होंगे. इसके साथ ही जिन यात्रिय़ओं ने 25 जून के बाद की टिकटें बुक करा रखी हैं उन्हें भी सफर के दौरान बढ़ा हुआ किराया देना होगा.

रेल मंत्रालय ने इसके बाबत विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि दरों में संशोधन का फैसला पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए2) सरकार द्वारा प्रस्तुत अंतरिम बजट में ही ले लिया गया था, लेकिन अप्रैल-मई हो रहे चुनाव के कारण लागू नहीं किया जा सका था. इससे पहले रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने गुरुवार को कहा था कि सरकार के पास संसाधनों की कमी है और उसे जुटाना उनकी प्राथमिकता होगी.

मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी श्रेणियों में 10 फीसदी की मूल किराए में वृद्धि होगी. इसके अलावा, किराये में 4.2 फीसदी की वृद्धि ईंधन समायोजन घटक (एफएसी) के कारण होगी, जो अप्रैल 2014 से ही बकाया है. न्यूनतम दूरी तक किराये में कोई वृद्धि नहीं की गई है.

मोदी सरकार के इस फैसले का विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है. कांग्रेस ने बीजेपी के चुनावी नारे अच्छे दिन आने वाले हैं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार का तोहफा मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और गरीबों के कंधे पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है.

इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस, एआईएडीएमके और बीजू जनता दल जैसी पार्टियों ने भी इस बढ़ोत्तरी को जनता विरोधी बताते हुए सरकार की आलोचना की है और इस बढ़ोत्करी को जल्द से जल्द वापस लेने का मांग की है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in