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रेल भाड़ा बढ़ाने पर पलटे उद्धव

रेल भाड़ा बढ़ाने पर पलटे उद्धव

मुंबई. 23 जून 2014.

uddhav thakre


अब तक केंद्र की मोदी सरकार के रेल किराया बढ़ाने के कदम का विरोध कर रहे उद्धव ठाकरे ने अब इस मामले में यू-टर्न ले लिया है. एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ने पार्टी के मुख-पत्र 'सामना' के संपादकीय में रेल किराये व मालभाड़े में वृद्धि को जायज ठहराया है और सरकार से यह आग्रह भी किया है कि यह वृद्धि अंतिम होनी चाहिए.

सामना में ठाकरे ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी के हाथ में कोई जादू की छड़ी नहीं है जिससे एक पल में सब कुछ ठीक कर दिया जाए. उद्धव ठाकरे ने इससे पहले कहा था कि गरीब जनता रेल किराये में इतना इजाफा बर्दाश्तद नहीं कर पाएगी, इसलिए किराया घटाया जाए. उन्होंने यह भी कहा था कि वे नरेंद्र मोदी से मिलकर भाड़ा घटाने की मांग करेंगे.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बजट पूर्व यात्री किराये व माल भाड़े में 14.2 फीसदी की वृद्धि की है जिसका असर मुंबईवासियों पर भी पड़ेगा, जिन्हें मासिक व त्रैमासिक टिकट पर दोगुना से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा.

संपादकीय में कहा गया है कि सरकार कहती है कि यह कदम सुरक्षित व आरामदायक यात्रा की सुविधा देने के लिए उठाया गया है, इसीलिए यह वृद्धि जरूरी लगती है. इसमें यह भी कहा गया है कि गत 15-20 सालों में रेल मंत्रियों ने रेल विभाग को सिर्फ लूटा है.

इसमें यह भी कहा गया है कि लोग सुविधाएं चाहते हैं और इसके लिए पैसा देने को तैयार हैं - यह पैसा नेताओं के विकास के लिए नहीं है. इस किराया वृद्धि से जो जनता बेजार महसूस कर रही है, अब हिसाब मांगेगी

उधर रेलवे ने किराया वृद्धि को जायज ठहराते हुए कहा है कि देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक उद्यम 28,000 करोड़ रुपये प्रति साल घाटा सह रहा है और इसकी पूर्ति किराये में वृद्धि से की जा सकती है.

 


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