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कंडोम नहीं भारतीय संस्कार रोकेंगे एड्स

कंडोम नहीं भारतीय संस्कार रोकेंगे एड्स

नई दिल्ली. 24 जून 2014

dr. harshwardhan


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का मानना है कि भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार एड्स रोकने के लिए कंडोम से ज्यादा बेहतर तरीका हो सकता है.

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एड्स की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे कैंपेन में सरकार का फोकस सिर्फ कंडोम के इस्तेमाल के प्रति लोगों को जागरूक करने से है. जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए.

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार को कंडोम की प्रचार के जगह पति-पत्नी के बीच ईमानदार शारिरिक संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए, जो कि हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है.

स्वास्थ्य मंत्री यह भी कहा कि एड्स के खिलाफ जागरुकता के लिए सिर्फ कंडोम के प्रयोग जैसी बात से लोगों के बीच यह गलत संदेश जाता है कि आप इसका प्रयोग करके किसी भी तरह के अवैध शारीरिक संबंध बनाएं जो सही नहीं है.

गौरतलब है कि एड्स के मरीजों की संख्या में 21 लाख मरीजों के साथ भारत का दुनिया में तीसरा स्थान है. देश में एड्स पर नियंत्रण के लिए वर्ष 1992 में नैशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेश (NACO) की स्थापना की गई थी जिसके प्रयासों से पिछले एक दशक में भारत में एचआईवी के नए मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है.