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भाजपा-मोदी के खिलाफ जनहित याचिका

भाजपा और मोदी के खिलाफ जनहित याचिका

नई दिल्ली. 25 जून 2014

मोदी


भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुंबई हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. एनजीओ ऑल इंडिया ऐंटि करप्शन ऐंड सिटिजंस वेलफेयर कोर कमिटी व इसके संस्थापक एडवोकेट एमवी होलमागी ने मोदी और भाजपा पर वादा तोड़ने के आरोप लगाते हुए ये याचिका दायर की है.

दरअसल लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा अच्छे दिन लाने के कई वादे किए थे. भाजपा और मोदी के चुनाव प्रचार में “अच्छे दिन आने वाले हैं” का नारा अहम रहा था और अधिकांश वोटरों ने इसका भरोसा कर एनडीए को बहुमत दिलाई थी.

लेकिन मोदी सरकार के बनने के बाद से रेल भाड़े में वृद्धि और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम बढ़ने से महंगाई कम होने की जगह बढ़ गई है जिसको लेकर केंद्र सरकार से नाराज़ लोग कह रहे हैं कि अच्छे दिन की जगह बुरे दिन आ गए हैं.

इसी को आधार बना कर एडवोकेट एमवी होलमागी ने बुधवार को मुंबई हाइकोर्ट के जस्टिस अभय ओका और जस्टिस ए चांदूरकर की बेंच के सामने यह जनहित याचिका दायर की है. उनका कहना है कि रेल किराए में बढ़ोतरी और अन्य उपयोगी वस्तुओं के दाम में बढ़ोतरी कर नई सरकार ने आपराधिक विश्वासघात किया है.

एडवोकेट होलमगी ने कहा, 'बीजेपी अच्छे दिन लाने का वादे करके सत्ता में आई है. लेकिन एक महीने के भीतर रेल किराया व अन्य चीजों के दाम बढ़ गए हैं. लोग यूपीए सरकार से परेशान थे इसलिए उन्होंने बीजेपी पर भरोसा किया. लेकिन अब वह वादा तोड़ रही है. अब आम आदमी को अपने वोट पर पुनर्विचार करने का मौका मिलना चाहिए.
 


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