पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

धनखड़ का बयान आपत्तिजनक: मांझी

मोदी सरकार का पहला रेल बजट पेश

नई दिल्ली. 8 जुलाई 2014

ट्रेन


रेल मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने मंगलवार को मोदी सरकार का पहला रेल बजट पेश किया. रेलवे के आधुनिकीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य और प्रौद्योगिकी का अधिकाधिक इस्तेमाल इसकी प्रमुख विशेषता रही. इस बजट में रेलवे के लिए वित्त की व्यवस्था के लिए रेलवे क्षेत्र में एफडीआई लाने और विभिन्न परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल पर चलाने जैसे प्रस्ताव रखे हैं.

रेल मंत्री ने बजट में 58 नई रेलगाड़ियां चलाने, पांच साल में कार्यालयों को पेपरलेस बनाने, आरक्षण सूची का डिजिटल रूप शुरू करने, चुनिंदा स्टेशनों और रेलगाड़ियों पर वाई-फाई की सुविधा, यात्रियों को जगाने वाली कॉल, माल ढुलाई के लिए अलग टर्मिनल, कारोबारी यात्रियों के लिए रेलगाड़ी में वर्क स्टेशन, स्वच्छता पर अधिक खर्च, प्रमुख स्टेशनों पर फूड कोर्ट, रेल पर्यटन का विस्तार और पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर के लिए बेहतर रेल संपर्क जैसे कदमों का प्रस्ताव दिया है.

मंत्री ने देश में पहली बार बुलेट रेलगाड़ी चलाने का प्रावधान किया है, जो मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी. रेलमंत्री ने कहा है कि सिर्फ एक बुलेट रेलगाड़ी चलाने पर ही करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा.

बजट में चार महानगरों को आपस में तेज रफ्तार वाली रेलगाड़ी से जोड़ने की महत्वाकांक्षी हीरक चतुर्भुज योजना का प्रावधान है, वहीं कुछ चुने हुए स्टेशनों को आधुनिक हवाईअड्डों की तरह विकास करने का भी लक्ष्य रखा गया है.

रेल मंत्री ने कहा कि जहां पिछले 10 सालों में नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर 18,400 करोड़ खर्च किया गया है, वहीं अगले 10 सालों में इसपर पांच लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. उन्होंने साथ ही कहा कि सिर्फ यात्री किराया और माल भाड़ा बढ़ाने से यह खर्च नहीं निकल सकता है.

उन्होंने बजट में इंटरनेट से प्लेटफॉर्म और अनारक्षित टिकटों की बुकिंग की सुविधा शुरू करने की योजना का भी प्रस्ताव रखा.

गौड़ा ने धन जुटाने के चार प्रमुख उपाय सुझाए हैं. ये हैं : प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, सार्वजनिक-निजी साझेदारी, रेलवे से संबंधित सरकारी कंपनियों द्वारा वाणिज्यिक कोष बढ़ाना और लंबी अवधि में मुनाफे में आने वाली परियोजनाओं पर कर छूट.

बजट के बाद मोदी ने प्रतिक्रिया में कहा, "बजट में देश के विकास को ध्यान में रखा गया है. हम प्रौद्योगिकी के भारी-भरकम इस्तेमाल को देख सकते हैं."

गौड़ा ने बजट में मौजूदा कारोबारी साल में 1,64,374 करोड़ रुपये की आय और 1,49,176 करोड़ रुपये के व्यय का लक्ष्य रखा है. उन्होंने माल ढुलाई में 4.9 फीसदी वृद्धि और यात्री किराए में मामूली वृद्धि का लक्ष्य रखा. उन्होंने एक रुपये कमाने के लिए 92.5 पैसे खर्च करने का लक्ष्य रखा.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in