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मोदी सरकार का पहला आम बजट पेश

मोदी सरकार का पहला आम बजट पेश

नई दिल्ली. 10 जुलाई 2014

अरुण जेटली


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को मोदी सरकार का पहला आम बजट पेश किया. इस बजट में 60 साल से कम उम्र की लोगों के लिए आय कर छूट की सीमा 50,000 रुपये बढ़ा कर 2.5 लाख रुपये कर दी गई, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपये से तीन लाख रुपये कर दी गई है. इसके अलावा इस बजट में अगले कुछ सालों में 7-8 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है.

कांग्रेस ने इस बजट का विरोध करते हुए कहा है कि यह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की योजनाओं का सिलसिला भर है. वहीं पूर्व प्रधानमँत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा गुरुवार को पेश किए गए 2014-15 के आम बजट में लक्ष्यों को हासिल करने की रूपरेखा का अभाव है

ये हैं बजट के मुख्य बिंदु -

- आय कर अधिनियम की धारा 80सी के तहत निवेश सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई.

- 2014-15 का कुल व्यय 17,97,892 करोड़ रुपये रहने का अनुमान, योजना व्यय 12,19,892 करोड़ रुपये का अनुमान .

- रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 26 फीसदी से बढ़ कर 49 फीसदी वहीं बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 49 फीसदी तक बढ़ी.

- विनिर्माण क्षेत्र में तेजी लाने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती की जाएगी

- सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 11 फीसदी से बढ़ा कर 72 फीसदी की गई

- पांच अतिरिक्त भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी) और पांच अतिरिक्त भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन.

- राष्ट्रीय आवास बैंक के लिए 4,000 करोड़ रुपये

- ग्रामीण इलाकों में ब्राडबैंड सेवा में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन

- नोट पर ब्रेल लिपि का उपयोग

- बड़े शहरों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन. बसों में महिला सुरक्षा के लिए 50 करोड़ आवंटन के पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा.

- सीमा शुल्क घटाए जाने की वजह से रंगीन टेलीविजन की कीमत कम होगी. सीमा शुल्क मुक्त बैगेज सीमा 35,000 रुपये से बढ़कर 45,000 रुपये

- वित्त वर्ष 2015-16 तक वित्तीय घाटा तीन फीसदी और वित्त वर्ष 2016-17 तक दो फीसदी तक करने का लक्ष्य

-जूते-चप्पलों पर उत्पाद शुल्क में 50 फीसदी की कटौती

- छह कर वसूली ट्रिब्युनल की स्थापना और कंपनियों के अधिभार में बदलाव नहीं, शिक्षा उपकर बरकरार रहेगा.

- पांच नए पर्यटन सर्किट की स्थापना. इसके साथ ही केदारनाथ, हरिद्वार, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में घाटों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन

-'वन रैंक वन पेंशन योजना' लागू करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन

-दिल्ली स्थित प्रिंसेस पार्क में युद्ध स्मारक और युद्ध संग्रहालय की स्थापना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन और नेशनल पुलिस मेमोरियल के लिए 50 करोड़ रुपये का आवंटन

- गंगा संरक्षण मिशन की शुरू करने के लिए 2,037 करोड़ रुपये का आवंटन

-शूटिंग, मुक्केबाजी और कुश्ती के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फाउंडेशन की स्थापना. जम्मू एवं कश्मीर को खेल सुविधाओं के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन, मणिपुर में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना

- रक्षा क्षेत्र में 2,29,000 करोड़ रुपये का आवंटन

- विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में सुधार के कदम उठाए जाएंगे

- औद्योगिक गलियारों का विकास किया जाएगा, जिसमें छोटे शहरों को परिवहन के जरिए जोड़ने पर जोर दिया जाएगा. मौजूदा वित्त वर्ष में 8,500 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण

- युवाओं को रोजगार देने तथा उनमें उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए स्किल इंडिया की शुरुआत होगी

- कृषि क्षेत्र में चार फीसदी विकास का लक्ष्य और कृषि उत्पाद की महंगाई पर रोक के लिए मुद्रा स्थिरीकरण कोष का गठन

- किसानों को दीर्घ-अवधि के ऋण के लिए 5,000 करोड़ रुपये का कोष

- कृषि से जुड़ी जानकारी देने के लिए किसान चैनल और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अरुण प्रभा चैनल शुरु किया जाएगा

- ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए 14,389 करोड़ रुपये का आवंटन

- सभी पक्षों को एक संस्था के अंतर्गत लाने के लिए निर्यात प्रोत्साहन मिशन स्थापित होगा

- सभी राज्यों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसी संस्था स्थापित की जाएगी. इस वित्त वर्ष में चार नए एम्स का लक्ष्य

- पेय जल योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये

- ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे बिजली के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. ग्रामीण आवास सुधार योजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये का आवंटन

- 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन

- वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर चर्चा समाप्त होनी चाहिए, वित्त वर्ष के अंत तक इसका समाधान निकल जाने की उम्मीद

- नौ हवाईअड्डों पर ई-वीजा की सुविधा शुरू की जाएगी

- सिंचाई के लिए नई योजना की शुरुआत

- 2019 तक सभी घरों में शौचालय का लक्ष्य

- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के शेयर खुदरा निवेशकों को बेचे जाएंगे


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