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बलात्कारी किशोर व्यस्क माने जाएं: मेनका

बलात्कारी किशोर व्यस्क माने जाएं: मेनका

मुंबई. 27 जून 2014

मेनका गांधी


महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि बलात्कार के मामलों में नाबालिग आरोपियों को भी व्यस्क अपराधियों के बराबर समझा जाना चाहिए और उन्हें व्यस्कों जैसीही सज़ा मिलनी चाहिए.

चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि पुलिस के अनुसार, सभी यौन अपराधों में से 50 फीसदी अपराधों को 16 वर्षीय किशोरों द्वारा अंजाम दिया जाता है, जो इस बारे में बने किशोर न्याय नियम को जानते हैं और इसीलिए उसका दुरुपयोग करते हैं.

मेनका गांधी ने कहा है कि अगर पूर्व नियोजित अपराधों जैसे हत्या, बलात्कार आदि के लिए जिम्मेदार किशोरों को व्यस्क मान कर चला जाता है तो इससे उनमें डर पैदा होगा.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने प्रस्ताव किया था कि जघन्य अपराधों के दोषी 16 वर्ष से ऊपर के किशोरों केा वयस्क अपराधियों के समान माना जाए लेकिन इसका विरोध कई एनजीओ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किया गया था.
 


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