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उत्तराखंड की बाढ़ में 4 हजार फंसे

उत्तराखंड की बाढ़ में 4 हजार फंसे

देहरादून. 17 जुलाई 2014

बाढ़


उत्तराखंड में चार धाम यात्रा मार्ग पर क़रीब चार हज़ार लोग विभिन्न जगहों पर बारिश की वजह से फंसे हुए हैं. केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा 19 जुलाई तक रोक दी गई है.

बीबीसी के अनुसार केदारनाथ में क़रीब 150 लोग, बद्रीनाथ में क़रीब 200, गंगोत्री में क़रीब 500, यमनोत्री में क़रीब 200 लोग फंसे हुए हैं. गढ़वाल मंडल के इन यात्रा मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर तीन हज़ार लोगों को रोका गया है. राज्य में पिछले तीन दिन से भारी बारिश हो रही है. इसके चलते सड़कें टूट गई हैं, सड़कों पर मलबा आ रहा है और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं. सरकार ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को एहतियात बरतने के लिए कहा है.

वैसे बसों और बड़े वाहनों के लायक़ गंगोत्री और यमनोत्री के रास्ते भी नहीं हैं. राज्य के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि “केदारनाथ के रास्ते में सोनप्रयाग का पुल धंस गया है. आवाजाही रुक गई है. बाक़ी तीन धामों में भी यात्रा रुकी हुई है. यमुनोत्री, गंगोत्री में छोटी गाड़ियां तो जा रही हैं लेकिन बड़ी गाड़ियां नहीं जा पा रही है.”

उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने फ़ोन पर बताया कि “यात्रियों को कहा गया है कि वे रास्तों पर न रहे, सुरक्षित इलाक़ों में फ़िलहाल रुके रहें.”

योगगुरू रामदेव 300 से ज़्यादा लोगों के अपने भारी दलबल के साथ गंगोत्री गोमुख की यात्रा पर हैं. जगतराम जोशी ने बताया कि “वो अपनी टीम के साथ सुरक्षित हैं. और उन्हें एहतियात बरतने को कहा गया है.” इस बीच रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि “रामदेव धार्मिक कार्य के लिए गए हैं. उन्हें लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है. उनके मुताबिक़ रामदेव 18 जुलाई तक हरिद्वार लौट आएंगें.”

बताया जा रहा है कि एडवाइज़री के बावजूद रामदेव अपने दल के साथ गोमुख गए, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू का कहना है कि ख़राब मौसम में ऐसा जोखिम उठाना उचित नहीं था. मौसम विभाग ने 20 जुलाई तक गढ़वाल और कुमाऊं में अपेक्षाकृत भारी बारिश का अनुमान जारी किया है. इसे देखते हुए सरकार ने संवेदनशील स्थानों के लिए अलर्ट जारी किया था.


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