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यूपीएससी अभ्यार्थियों से भेदभाव नहीं: सिंह

यूपीएससी अभ्यार्थियों से भेदभाव नहीं: सिंह

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2014

jitendra singh


केंद्रीय कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में सिविल सर्विस एप्टीट्युट टेस्ट (सीसैट) को हटाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा.

जितेंद्र सिंह का यह बयान गुरुवार को दिल्ली के मुखर्जी नगर में यूपीएससी के अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आया है. अभ्यार्थियों के इस विरोध प्रदर्शन में एक बस, पुलिस के वाहन और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी गई, जबकि पुलिस ने अभ्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया.

पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने आत्मदाह करने का प्रयास भी किया था.

इस पर जितेंद्र सिंह ने सदन में कहा, "उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना नहीं करना होगा और प्रवेश पत्र जारी होने को लेकर उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है." उन्होंने यह भी कहा कि भाषा के आधार पर छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. हम जल्द ही इसका समाधान ढूंढ लेंगे.

दरअसल यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले ये अभ्यर्थी सीसैट को मानविकी विषयों और हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए पक्षपातपूर्ण करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं. सीसैट के खिलाफ अभ्यार्थियों का प्रदर्शन उस वक्त तेज हो गया, जब यूपीएससी ने 24 अगस्त को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी किया.