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कम नहीं होंगी ब्याज दरें

कम नहीं होंगी ब्याज दरें

मुंबई. 5 अगस्त 2014

आरबीआई


रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई)  ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए अपनी तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है. इसके कारण आवास, वाहन तथा अन्य ऋणों के लिए चुकाई जाने वाली मासिक किश्तों में बदलाव नहीं होगा. लगातार बढ़ रही महंगाई से त्रस्त मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए ये बुरी खबर है. इसका एक अर्थ यह भी होगा कि रियल्टी, वाहन तथा अन्य पूंजी साध्य उद्योगों को अभी राहत नहीं मिलने जा रही है.

गौरतलब है कि वाहन तथा पूंजी पर आधारित कई अन्य कारोबारी क्षेत्र ऊंची ब्याज दर और महंगे ईंधन के कारण बिक्री बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना कर रही हैं. ऊंची दरों के कारण उपभोक्ता बाजार से किनारा कर रहे हैं.

द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा होने के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने अपने बयान में कहा, "रिजर्व बैंक महंगाई दरों पर नजर टिकाए रखेगा और जनवरी 2015 तक उपभोक्ता महंगाई दर को आठ फीसदी तक लाने तथा जनवरी 2016 तक छह फीसदी तक लाने के लिए महंगाई कम करने के रास्ते पर चलता रहेगा."

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को बिना किसी परिवर्तन के आठ फीसदी रखने का निर्णय लिया है. इसी दर पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को ऋण मुहैया कराता है. रिवर्स रेपो दर को सात फीसदी पर बरकरार रखा गया. वाणिज्यिक बैंक अपनी अतिरिक्त राशि को अल्पावधि के लिए जिस दर पर रिजर्व बैंक में रखते हैं, उसे रिवर्स रेपो दर कहा जाता है.

नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी चार फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है. सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर को भी नौ फीसदी पर यथावत रखा गया. सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में 0.5 फीसदी की कटौती करते हुए इसे 22.0 फीसदी रखा गया है, जो नौ अगस्त, 2014 से प्रभावी होगा.
 


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