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फूलन देवी के हत्यारे को उम्रकै

फूलन देवी के हत्यारे को उम्रकैद

नई दिल्ली. 14 अगस्त 2014

फूलन देवी


दिल्ली की एक अदालत ने दस्यु जीवन से राजनीति में आई फूलन देवी की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए शेर सिंह राणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भरत पराशर ने राणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के अतिरिक्त उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

इसके पहले आठ अगस्त को न्यायालय ने राणा को दोषी ठहराया था. राणा ने कथित रूप से 1981 के बेहमई नरसंहार का बदला लेने के लिए फूलन को उनके सरकारी आवास गोली मार दी थी. बेहमई नरसंहार को फूलन ने ही अंजाम दिया था, जिसमें उसने ठाकुर जाति के 17 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.

अदालत ने राणा को आम इरादे के साथ हत्या और हत्या की कोशिश करने के आरोपों पर दोषी ठहराया. लेकिन उसे आपराधिक साजिश और हथियार अधिनियम से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया गया.

हत्या के समय फूलन देवी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की सांसद थीं. पुलिस के अनुसार, राणा और उसके साथियों ने अशोक रोड स्थित फूलन के आवास के बाहर 25 जुलाई, 2001 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी.

राणा के अलावा मामले में 11 अन्य आरोपी भी थे. उनमें से एक प्रदीप की नवंबर 2013 में तिहाड़ जेल में हृदयाघात के बाद निधन हो गया और अन्य आरोपी बरी हो गए.

राणा को 27 जुलाई, 2001 को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन 2004 में वह उच्च सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल से फरार हो गया. वर्ष 2006 में उसे कोलकाता में गिरफ्तार किया गया और दिल्ली लाकर दोबारा तिहाड़ जेल में कैद किया गया.