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योजना आयोग समाप्त करने की घोषणा

योजना आयोग समाप्त करने की घोषणा

नई दिल्ली. 15 अगस्त 2014

मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 68वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि उपयोगिता खो चुके योजना आयोग की जगह नए संस्थान का गठन किया जाएगा. लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "बहुत जल्द हम एक नए संस्थान का गठन करेंगे जो योजना आयोग की जगह काम करेगा."

प्रधानमंत्री ने कहा कि संघीय ढांचे की महत्ता बढ़ रही है और इस संस्था को इस वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, "यह अच्छी बात है कि हम इसे मजबूत कर रहे हैं. योजना आयोग के गठन के बाद से युग बदल चुका है."

गौरतलब है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने योजना आयोग के अंतर्गत पंचवर्षीय योजना की शुरुआत की थी. भारत सरकार के प्रस्ताव के तहत 15 मार्च 1950 को गठित आयोग ने 1951 से पंचवर्षीय योजना की शुरुआत की थी. मौजूदा समय में 2012-17 समयावधि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना प्रभावी है.

अधिकारियों के अनुसार, मोदी के मन में आयोग के लिए कभी ज्यादा सम्मान नहीं रहा और वह इसे नियंत्रित अर्थव्यवस्था का अवशेष मानते हैं, जिसका अनुकरण भारत सोवियत काल से कर रहा है.

हाल ही में योजना आयोग को लेकर जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार, "यह साफ है कि योजना आयोग का मौजूदा रूप और इसकी कार्य प्रणाली अड़चनें पैदा कर रही है और देश के विकास में योगदान नहीं दे रही." इस रिपोर्ट ने काफी विवाद पैदा किया था. यह रिपोर्ट मोदी के शपथ ग्रहण करने के तीन दिन बाद 29 मई को पेश की गई थी.
 


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