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गंगा सफाई के मुद्दे पर सरकार को लताड़

गंगा सफाई के मुद्दे पर सरकार को लताड़

नई दिल्ली. 3 सितंबर 2014

supreme court


सर्वोच्च न्यायालय ने गंगा सफाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार से कहा है कि वह इस पर नौकरशाहों की तरह जवाब न देकर अपने द्वारा किए गए कार्यो का खाका प्रस्तुत करे. सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर और न्यायमूर्ति आर.बानुमती ने ये भी कहा कि सरकार हमें दृष्टिकोण न बताएं क्योंकि इस तरह तो इसके लागू होने में 200 वर्षो का समय लगेगा. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि यह (गंगा की सफाई) हमारी पीढ़ी में होगा भी या नहीं.

अदालत ने कुमार से कहा कि उसके सवालों का सरकार ने नौकरशाहों की तरह जवाब दिया है. न्यायालय जानना चाहता है कि पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान यह सरकार इस मामले में कितना कर पाएगी.

बीते 13 अगस्त को हुई अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से गंगा नदी को साफ करने की कार्ययोजना का खाका प्रस्तुत करने के लिए कहा था. आज की सुनवाई में न्यायालय ने सरकार से गंगा को साफ करने के लिए गंगोत्री से हरिद्वार के पहले चरण के तहत किए गए कार्यो की रपट प्रस्तुत करने के लिए कहा.

अदालत ने महाधिवक्ता से कहा कि अगर प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को स्थानांतरित करने में सरकार को कोई मदद चाहिए, तो न्यायालय उसमें मदद करेगी.
उल्लेखनीय है कि 2,525 किलोमीटर लंबी गंगा नदी हिमालय से निकलती है और हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र नदी है. मौजूदा एनडीए सरकार ने चुनाव से पहले ये वायदा किया था कि चुने जाने पर गंगा की जल्द से जल्द सफाई की जाएगी लेकिन इस मुद्दे पर अब तक सरकार कोई ठोस कार्यरेखा भी प्रस्तुत नहीं कर पाई है.

 


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