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आप का स्टिंग ऑपरेशन, मुश्किल में भाजपा

आप का स्टिंग ऑपरेशन, मुश्किल में भाजपा

नई दिल्ली. 8 सितंबर 2014

भाजपा

दिल्ली में बिना चुनाव सरकार बनाने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक स्टिंग ऑपरेशन में अपने नेता शेर सिंह डागर द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायक को खरीदने की कोशिश करते हुए पाए जाने के बाद से बैकफुट पर आ गई है. पार्टी ने इस विवाद से पल्ला झाड़ने की नीयत से अब डागर से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है.

दरअसल आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में शेर सिंह डागर को आप पार्टी के विधायक दिनेश मोहनिया को आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए चार करोड़ रुपए और महत्वपूर्ण पद की पेशकश करते दिखाया गया है. आप संयोजक अरविंद केजरीवनाल ने इस बाबत सोमवार को एक प्रेस कांफरेंस कर कहा कि "हमारे विधायकों को अध्यक्षता, मंत्री पद और पैसे की पेशकश की जा रही है, लेकिन कोई भी पार्टी छोड़ कर नहीं जाएगा."

केजरीवाल ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन के दौरान वीडियो जारी करते हुए कहा, "भाजपा का गंदा खेल आज उजागर हो गया है”. उनके अलावा आप नेता मनीष सिसौदिया ने कहा कि यह वीडियो सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा और भाजपा के खिलाफ निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत की जाएगी.

इस मामले में फंसे डागर ने इसे कहा कि आप नेता ने खुद उनसे मुलाकात की थी और भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। डागर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आप विधायक 45 दिन पहले मुझसे मिलने आए थे और कल (रविवार) भी उन्होंने मुलाकात की थी. जब से भाजपा ने केंद्र में सरकार बनाई है, वह हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते थे."
 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

rahul sharma [rahul381986@gmail.com] himachal pradesh - 2014-09-08 16:58:33

 
  इन नेताओं को बस अपनी पड़ी है चाहे वह भाजपा हो कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी। दूसरी पार्टी के नेताओं को खरीदने के लिए करोड़ों रुपए देने को तैयार हैं पर जिन्हें पैसों की जरूरत है उन्हें कोई नहीं पूछता। ऐसे रूल बनाए हैं कि बैंक में पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करों तो कहते हैं तीन साल एक कंप्नी में काम करते हुए हो जाने चाहिए तभी लोन मिलेगा। अब आप बताओ जिसे पैसे 3 दिन में चाहिए वह तीन साल का वेट करेगा क्या? साले पढ़ने के लिए स्टडी लोन दे देते हैं। नौकरी लगे तो पैसे वापस करने होते हैं। यहां तो नौकरी है पर लोन कोई नहीं दे रहा। बताओ क्या करें। 
   
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