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भारत-चीन बातचीत में व्यापार पर ज़ोर

भारत-चीन बातचीत में व्यापार पर ज़ोर

नई दिल्ली. 18 सितंबर 2014

modi zinping

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीन दिवसीय भारतीय दौरे में भारत और चीन के बीच के आर्थिक मुद्दे ही प्रमुख रहे. इस दौरान बीजिंग ने अगले पांच सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है. इसके अलावा चीन ने भारतीय वस्तुओं और निवेश को चीन में प्रवेश करने की अधिक सुविधा देने की बात भी कही है.

इस दौरान भारत-चीन के बीच 12 समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए. गुरुवार को हस्ताक्षर किए गए प्रमुख समझौतों में रेलवे में सहयोग, अंतरिक्ष विज्ञान और संस्कृति में सहयोग, दो औद्योगिक पार्क का वादा और अगले पांच साल में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश शामिल हैं.

बातचीत के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा कि "मैंने व्यापार असंतुलन का मुद्दा उठाया है. मैंने राष्ट्रपति शी से आग्रह किया कि हमारी कंपनियों को चीन के बाजार में प्रवेश और निवेश का अवसर प्रदान किया जाए" उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की असीम संभावनाएं हैं.

चीनी राष्ट्रपति शी ने मोदी की बातों को ही दुहराते हुए कहा, "चीन और भारत क्षेत्र में आर्थिक विकास की अगुआई करने के लिए दो इंजनों की भांति काम करेगा।" उन्होंने कहा, "चीन अगले पांच साल में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा".

इस बातचीत में भारत में चीनी सैनिकों की लगातार हो रही घुसपैठ के बारे में बात भी हुई है. पीएम मोदी ने इस पर चिंता जताई है, वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि चूंकि सीमाओं का सीमांकन होना अभी बाकी है इसीलिए कभी-कभार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं. हालांकि उन्होंन सीमा विवाद सुलझाने पर प्रतिबद्धता भी जताई है.
 


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