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ब्रिटेन का हिस्सा बना रहेगा स्कॉटलैंड

ब्रिटेन का हिस्सा बना रहेगा स्कॉटलैंड

एडिनबर्ग. 19 सितंबर 2014

britain scotland

ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह के दौरान स्कॉटलैंड में 55 फीसदी लोगों ने इसके खिलाफ वोट दिया है. इस प्रकार से पिछले 307 साल से ब्रिटेन का हिस्सा रखा स्कॉटलैंड अब भी इसका हिस्सा बना रहेगा.

इस जनमत संग्रह के गुरुवार को घोषित नतीजों में 32 काउंसिल में से 31 में विपक्ष में मतदान पड़े हैं. पक्ष में 1,512,688 और विपक्ष में 1,877,252 मत पड़े हैं. अलग स्कॉटलैंड का समर्थन करने वालों को जीत के लिए 1,852,828 वोटों की जरूरत थी.

स्कॉटलैंड का सबसे बड़ा काउंसिल क्षेत्र और ब्रिटेन का तीसरे सबसे बड़े शहर ग्लासगो में स्वतंत्रता के पक्ष में 1,94,779 मत पड़े, जबकि डनबार्टनशायर और उत्तरी लनार्कशायर में भी लोगों ने इसके पक्ष में मतदान किया.

लेकिन स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में इसके विरोध में मत डाले गए. यहां विरोध में 1,94,638 और पक्ष में 1,23,927 लोगों ने मत डाला. इस जनमत संग्रह में ब्रिटेन समर्थक प्रचार को कई क्षेत्रों में बड़ी जीत हासिल हुई है. यह मतदान दो सालों के प्रचार का समापन है. हालांकि, स्कॉटलैंट को और अधिकार दिए जाने को लेकर वार्ता जारी है.

आजादी के लिए अभियान चलाने वाले स्कॉटलैंड के मंत्री एलेक्स सैलमंड ने हार स्वीकार कर ली. नतीजों के सामने आने के बाद उन्होंने ट्विट किया, "हमारे राष्ट्रमंडल शहर ग्लासगो और स्कॉटलैंड के लोगों को इस अद्भुत समर्थन के लिए शाबाशी."

अक्टूबर 2012 में कैमरन और सैलमंड ने एडिनबर्ग समझौता पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें 2014 में स्कॉटलैंड को स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह कराए जाने की अनुमति मिली थी.


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