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मंगल के गुरुत्व क्षेत्र में पहुँचा मंगलयान

मंगल के गुरुत्व क्षेत्र में पहुँचा मंगलयान

नई दिल्ली. 22 सितंबर 2014

मंगलयान


मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के क्रम में भारत का मंगलयान सोमवार को मंगल ग्रह के गुरुत्व क्षेत्र में प्रवेश कर गया. इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने नौ महीने तक बंद रहे इसके इंजन को चार सेकंड के लिए सफलतापूर्वक चालू कर इस बात की जांच कर ली कि इंजन पूरी तरह सक्षम है.  इस उपलब्धि के बाद भारत एशिया का ऐसा पहला देश बन गया है, जिसका अंतरिक्ष यान मंगल के प्रभाव क्षेत्र में पहुंचा हो.

मंगल ग्रह के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पांच वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ तैयार 475 किलोग्राम भार वाले इस अंतरिक्ष यान के मार्ग में सोमवार अपराह्न् 2.30 बजे किए गए चौथे संशोधन के लिए 15 सितंबर को इसे निर्देशित किया गया था. मार्ग में यह संशोधन इसलिए किया गया, ताकि मंगलयान 24 सितम्बर को सूर्य की कक्षा से मंगल की कक्षा में आसानी से प्रवेश कर जाए.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारे संचालकों की गणना के अनुसार, हमारे मंगलयान मिशन (एमओएम) ने मंगल के गुरुत्व प्रभाव वाले क्षेत्र में सोमवार सुबह लगभग नौ बजे प्रवेश किया." बाद में इसरो के वैज्ञानिक सचिव वी.कोटेश्वर राव ने कहा, "मंगलयान का इंजन यानी लिक्विड एपोजी मोटर (एलएएम) अपराह्न् 2.30 बजे लगभग चार सेकंड के लिए चालू किया गया और उसकी सफलता की जानकारी 12.5 मिनट बाद मिली."
 
अंतरिक्ष यान बुधवार तड़के सूर्य की कक्षा से मंगल की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा. जब अंतरिक्ष यान मंगल की सतह से 423 किलोमीटर दूर और पृथ्वी की सतह से 21.5 करोड़ किलोमीटर दूर (रेडियो दूरी) होगा, तब यह मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा.  एमओएम बुधवार को मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के लिए फिलहाल सूर्य की कक्षा में चक्कर काट रहा है. संयोगवश अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान मावेन भी सोमवार तड़के मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया.

मंगलयान 24 सितंबर को सुबह 7.30 बजे जब मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करेगा, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो केंद्र में मौजूद रह सकते हैं. 450 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत पांच नवंबर, 2013 को हुई थी.