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214 कोल ब्लॉक आबंटन रद्द किए गए

214 कोल ब्लॉक आबंटन रद्द किए गए

नई दिल्ली. 24 सितंबर 2014

कोल ब्लॉक


सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए 1993 से 2011 के बीच किए गए सभी 218 कोल ब्लॉक आबंटनों में से 214 को रद्द् करने के आदेश दिए हैं. जिन चार ब्लॉकों को रद्द नहीं किया गया है वे एनटीपीसी तथा अन्य सरकारी कंपनियों को आवंटित हैं.

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि इनमें से जिन 42 ब्लॉकों में उत्पादन चालू है या उत्पादन चालू होने वाला है, वे अगले छह महीनों तक मौजूदा प्रबंधन के पास ही रहेंगे, जबतक कि केंद्र सरकार इनके फिर से आवंटन पर फैसला नहीं ले लेती.

इस फैसले से कार्पोरेट जगत में खलबली मची हुई है क्योंकि ऐसा दावा किया जा रहा था कि इन कोल ब्लॉक्स के लिए दो लाख दस हज़ार करोड़ का निवेश किया जा चुका है. इस फैसले के बाद उद्य़ोग जगत ने यह आशंका जताई है कि देश में बिजली के दाम बढ़ सकते हैं.

गौरतलब है कि देश की 59.6 फीसदी बिजली कोयले से पैदा की जाती है. 9 फीसदी बिजली गैस से, 16.3 फीसदी पन बिजली से, 1.9 फीसदी अणु शक्ति से और बाकी करीब 13 फीसदी बिजली दूसरे स्त्रोतों से पूरी की जाती है.

 


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