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कोयला खनन पर अभी रोक नहीं

कोयला खनन पर अभी रोक नहीं

नई दिल्ली. 16 अक्टूबर 2014
 

सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों का कोयला खनन लाइसेंस रद्द कर दिया गया है उन्हें फिलहाल खनन से रोका नहीं जा सकता. न्यायालय का कहना है कि ऐसा इसीलिए हैं क्योंकि उन्हें अगले छह महीने तक के लिए खनन कार्य जारी रखने को कहा गया है.

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच.एल.दत्तू, न्यायमूर्ति मदन बी.लोकुर और न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी की खंडपीठ ने अधिवक्ता एम.एल. शर्मा की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें खनन पर रोक लगाने की मांग की गई थी. खंडपीठ ने कहा कि जब इन्होंने पूर्व में खनन लाइसेंस रद्द करने संबंधी आदेश दिए थे, तब कंपनियों के लिए खनन को लेकर कोई सीमा निर्धारित नहीं की थी.

शर्मा ने अपनी याचिका में न्यायालय से कहा कि इन खनन कंपनियों ने यह जानते हुए कि अगले छह महीने में उनके खनन के अधिकार खत्म हो जाएंगे, कोयले का खनन अपनी जरूरत से ज्यादा कर रहे हैं और इसका इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए कर रहे हैं.

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 24 सितंबर को 214 कोयला ब्लॉक लाइसेंस रद्द कर दिए थे. लेकिन अदालत ने 46 लाइसेंस को अपवाद श्रेणी में रखा था, जिनमें से 40 का संचालन जारी है और छह में किसी भी समय संचालन शुरू हो सकता है. इन 46 ब्लॉकों में से चार को रद्द नहीं किया गया, क्योंकि इन्हें एनटीपीसी, सेल और सासन अल्ट्रामेगा बिजली परियोजना को आवंटित किया गया था.


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