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कालाधन मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

कालाधन मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली. 14 अक्टूबर 2014
 

सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने काले धन के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को विदेशी बैंकों में खाता रखने वाले भारतीय लोगों के नाम एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को बुधवार तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सरकार को सभी वैध एवं अवैध खाता रखने वालों की लिस्ट सुप्रीम कोर्ट को देनी है.

सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्देश सरकार द्वारा सात लोगों तथा एक कंपनी के नाम अदालत को उपलब्ध कराए जाने के एक दिन बाद सामने आया है. आरोप है कि इन लोगों के विदेशी बैंकों में खाते हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा चुकी है.

प्रधान न्यायाधीश एच.एल.दत्तू की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने महान्यायवादी मुकुल रोहतगी से कहा कि सरकार को कुछ बोलने की जरूरत नहीं है. उसे अदालत को नामों का खुलासा करना चाहिए. अदालत यह तय करेगी कि मामले की जांच आयकर अधिकारी करेंगे या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई).

अदालत के निर्देश के तुरंत बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जिन नामों की मांग की है, उन्हें शीर्ष अदालत के ही कहने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) को पहले ही सौंपा जा चुका है.

जेटली ने संवाददाताओं से कहा, "चूंकि वे नाम एसआईटी को पहले ही उपलब्ध कराया जा चुके हैं, इसलिए उसे अदालत को उपलब्ध कराने में कोई परेशानी नहीं होगी. समस्त सूची को कल (बुधवार) सुबह अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा."

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि सूची में से किसी खास आदमी के नाम का खुलासा अनैतिक है. सरकार को सूची में शामिल सभी नामों का खुलासा नियमानुसार अदालत के समक्ष करना चाहिए.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एक सूची में लगभग 700 लोगों के नाम हैं, जिसे फ्रांस के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराया गया है. उसी प्रकार 2010 में जर्मनी ने कुछ भारतीय खाताधारियों के नाम सौंपे थे, जिनके लिचटेंस्टाइंस एलजीटी बैंक में खाते हैं.


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