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कालाधन: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को लिस्ट सौंपी

कालाधन: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को लिस्ट सौंपी

नई दिल्ली. 29 अक्टूबर 2014
 

सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय को विदेशी बैंकों के 627 भारतीय खाताधारकों के नामों की सूची सौंपी, जिनका खुलासा फ्रांस की सरकार ने किया है. न्यायालय ने यह सूची विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने के निर्देश दिए हैं. अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच.एल.दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ को दो सील बंद लिफाफे सौंपे.

न्यायालय ने 627 नामों की सूची के साथ ही फ्रांस सरकार के साथ इस मुद्दे पर हुए पत्र-व्यवहार से संबंधित दस्तावेज भी सीलबंद लिफाफे में एसआईटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एम.बी.शाह और उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति अरिजित पसायत को सौंपने के निर्देश दिए. एसआईटी का गठन चार जुलाई, 2011 को किया गया था.

इस बारे मे अटार्नी जनरल रोहतगी ने कहा कि इनमें से आधे खाताधारक भारत के निवासी हैं और ये खाते साल 2006 तक खोले गए थे. उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इनमें से कुछ ने कर अदा किए हैं, जबकि अन्य की जांच की जा रही है.

रोहतगी ने न्यायालय को बताया कि आयकर अधिनियम में संशोधन करते हुए इन खाताधारकों से कर लेने का समय बढ़ा कर 31 मार्च, 2015 कर दिया है. पूर्व के प्रावधान के अनुसार, कर उगाही की अवधि छह साल तक के लिए थी, जो कि 2012 में समाप्त हो गई है. न्यायालय ने कहा कि एसआईटी कानून के तहत मामले पर कार्रवाई करेगी.

न्यायालय ने मामले पर सुनवाई की अगली तारीख तीन दिसंबर तय करते हुए कहा कि एसआईटी 627 खाताधारकों के संबंध में उठाए गए कदमों पर अपनी स्थिति रिपोर्ट सौंपेगा.

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार को भारतीय खाताधारक कंपनी व व्यक्तियों के नाम की सूची सीलबंद लिफाफे में सौंपने के निर्देश दिए थे, चाहे ये खाते वैध हों या किसी अन्य तरह के. न्यायालय ने यह निर्देश केंद्र की तरफ से सात लोगों और एक कंपनी के नाम की सूची सौंपने के अगले दिन दिए थे. केंद्र ने कहा था कि इन धारकों ने कर अदायगी से बचने के लिए विदेशी बैंकों में धन जमा किए.


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