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सिख दंगों के लिए मोदी के निशाने पर कांग्रेस

सिख दंगों के लिए मोदी के निशाने पर कांग्रेस

नई दिल्ली. 31 अक्टूबर 2014
 

मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम के दौरान 1984 के सिख दंगों के लिए कांग्रेस की आलोचना की.  मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और इसके बाद हुए सिख दंगे का जिक्र करते हुए इस पर दुख जाहिर किया और कहा कि यह देश की एकता पर प्रहार था. उन्होंने कहा, "हमारे अपने लोग मारे गए. वह हमला किसी खास समुदाय पर नहीं, बल्कि समस्त देश पर था. वह खंजर की तरह था, जिसने भारत की छाती को बेध दिया."

 

इस दौरान उन्होंने कहा कि कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमें एक राष्ट्र दिया और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे श्रेष्ठ भारत बनाएं. अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के बाद रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मोदी ने कहा कि भारत विविधताओं का देश, एक गुलदस्ता है. उन्होंने कहा, "हमारी विविधता में एकता की संस्कृति और विरासत है. हम जाति, संप्रदाय, भाषा के मतभेद से ऊपर उठें." मोदी ने कहा कि देश की ऐतिहासिक विरासत को विचारों के आधार पर नहीं बांटना चाहिए.

मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सरदार पटेल के बिना अधूरे लगते हैं और उन्होंने न टूटने वाली जोड़ी बनाई थी. उन्होंने कहा, "जो देश इतिहास को भूल जाता है, वह इतिहास नहीं बना सकता. आकांक्षाओं से भरे भारत, एक देश जहां युवा सपनों से भरे हैं, उसे ऐतिहासिक विरासत सदा-सर्वदा प्रेरणा देती है."



प्रधानमंत्री ने विजय चौक पर मौजूद लोगों को एकता की शपथ दिलाई और कहा कि एकता के मंत्र पर आगे बढ़ने की जरूरत है. उन्होंने 'रन फॉर यूनिटी' को भी हरी झंडी दिखाई और इसमें हिस्सा भी लिया. वह राजपथ पर फुर्ती से चलते हुए इंडिया गेट की तरफ गए. 'रन फॉर यूनिटी' की दौड़ विजय चौक से इंडिया गेट के बीच दो किलोमीटर तक चली.


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