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दिल्ली विधानसभा चुनावों का रास्ता साफ

दिल्ली विधानसभा चुनावों का रास्ता साफ

नई दिल्ली. 3 नवंबर 2014
 

भारत पाक

भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात करने और दिल्ली विधानसभा भंग करने की हिमायत करने के बाद राज्य में महीनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है. तीनों पार्टियों के इस कदम से राज्य में चुनाव का रास्ता साफ हो गया है.

बताया जा रहा है कि इन तीनों दलों के नेताओं ने जंग से कहा कि चूंकि 70 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, लिहाजा नए सिरे से चुनाव अनिवार्य है. इस मुलाकात के बाद राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया कि जंग अब अपनी सिफारिश राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेजेंगे. ज्यादा संभावना है कि वह नए चुनाव की सिफारिश करेंगे.

इसके पहले दिल्ली में पिछले वर्ष दिसंबर में हुए चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा बनी थी. भाजपा 31 सीटें हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, लेकिन उसने सरकार बनाने से इंकार कर दिया था. आप 28 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर थी. इसके बाद आप ने कांग्रेस के समर्थन से अल्पमत सरकार भी बनाई.

लेकिन यह सरकार 49 दिनों बाद ही चली गई, क्योंकि मुख्यमंत्री और आप संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने जन लोकपाल विधेयक पारित न हो पाने पर इस्तीफा दे दिया था. दिल्ली में फरवरी से ही राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था.

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल से सोमवार को सबसे पहले मिला. इस मुलाकात के बारे में कुछ भाजपा सूत्रों का कहना था कि पार्टी ने दिल्ली में नए सिरे से चुनाव की इच्छा व्यक्त की है.

वहीं कांग्रेस विधायक हारुन यूसुफ ने भी जंग से कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि दिल्ली विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव हो. यूसुफ ने कहा, "हम (पार्टी अध्यक्ष) सोनिया गांधी और (उपाध्यक्ष) राहुल गांधी के मार्गदर्शन में चुनाव लड़ेंगे और विकास हमारा मुख्य एजेंडा होगा."

आप ने भी कहा कि वह नए सिरे से चुनाव चाहती है. आप बार-बार भाजपा पर आरोप लगाती रही है कि वह दिल्ली में सरकार बनाने के लिए उसके विधायकों को तोड़ रही है.

जंग से मुलाकात के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "हमारा जो रुख आठ महीने पहले था, वही आज भी है. हम चाहते हैं कि दिल्ली विधानसभा भंग कर दी जाए." सिसोदिया ने भाजपा की खिल्ली भी उड़ाई. उन्होंने पूछा, "यदि वे नए सिरे से चुनाव चाहते थे, फिर इन महीनों के दौरान उन्होंने इतना सब भ्रम क्यों बनाए रखा?"
 


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