पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना > > Print | Share This  

सिखों को मुआवजे पर आयोग सख्त

सिखों को मुआवजे पर आयोग सख्त

नई दिल्ली. 7 नवंबर 2014
 

निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को मुआवजा देने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय की खिंचाई करते हुए उससे पूछा है कि अगर इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया गया था, जैसा सरकार ने दावा किया है, तो उसने मीडिया में आई खबरों का खंडन क्यों नहीं किया?

आयोग ने सरकार को इस मामले में फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए. आयोग ने कहा कि सरकार के इस कदम से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ.

आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखे एक पत्र में कहा है कि सरकार की ओर से आए जवाब में कहा गया है कि मुआवजा बढ़ाने के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार का यह कथन सही नहीं है क्योंकि आयोग ने मीडिया में इस तरह की कोई खबर नहीं देखी है. इसमें यह भी लिखा है कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह खबर मतदाताओं पर सुपस्पष्ट प्रभाव छोड़ने में सफल रही है.

आयोग ने कहा कि तीन सीटों पर उपचुनाव के मद्देनजर दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू थी, और भाजपा ने ऐसा कर मतदाताओं के मन को बदलने के लिए इस तरह की खबर फैलाई. हालांकि बाद में इसे रद्द कर दिया गया.  पत्र में कहा गया है, "आयोग इस बात से आश्वस्त होना चाहेगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी."

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर को घोषणा की थी कि वह 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए 3,325 लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in