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सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सली हमला

सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सली हमला

दंतेवाड़ा, 6 अप्रैल 2010


नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में देश में नक्सलियों के अब तक के सबसे बड़े हमले में सीआरपीएफ के 73 जवान मारे गये हैं. सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने आज सुबह गश्त पर निकली सीआरपीएफ की टुकड़ी को निशाना बनाया. इन जवानों की मदद के लिये निकली पुलिस की एंटी लैंड माइंस व्हीकल को भी नक्सलियों ने बारुदी सुरंग लगाकर उड़ा दिया.

पुलिस के अनुसार मंगलवार की सुबह से ही दंतेवाड़ा के सुकमा, टारमेटला में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की कई घटनायें सामने आईं. अलग-अलग 6 घटनाओं में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने पुलिस बल पर हमला किया.

पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन ग्रीनहंट के तहत सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन के 81 जवान चिंतलनार कैंप से सुबह 5 बजे निकले. उनके साथ एक एंटीलैंडमाइन वीकल थी. जैसे ही जवानों का दल ताड़मेटला गांव के पास पहुंचा, नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर गाड़ी उड़ा दी, जिसमें सवार फोर्स के ड्राइवर की मौत हो गई. इससे पहले कि जवान बचाव की पोजीशन में आते करीब हजार की संख्या में नक्सलियों ने तीन ओर से गोलीबारी शुरू कर दी.

चिंतलनार लाए गए सात घायलों में से एक जवान ने बताया कि चिंतलनार सीआरपीएफ कैंप में खबर मिली कि ताड़मेटला के पास नक्सलियों ने दो जवानों को मार दिया है. सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन के 81 जवान जिला पुलिस को सूचना दिए बिना ही सुबह 5 बजे एंटी लैंडमाइन गाड़ी लेकर रवाना हो गए.

सीआरपीएफ को जिस जगह जवानों के शव होने की खबर मिली थी, वहां पहले से ही हजार से ज्यादा नक्सली छिपे हुए थे. जैसे ही फोर्स वहां पहुंची, नक्सलियों ने बारूदी सुरंग का विस्फोट कर दिया. विस्फोट से कुछ देर पहले ही जवान गाड़ी से नीचे उतरे थे. इस ब्लास्ट के साथ ही नक्सलियों ने तीन ओर से गोलियां चलानी शुरू कर दी. जवानों को सम्हलने का मौका नहीं मिला और लगातार जवान मरते गए.

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