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धर्मांतरण के मुद्दे पर लोकसभा बाधित

धर्मांतरण के मुद्दे पर लोकसभा बाधित

नई दिल्ली. 22 दिसंबर 2014
 

लोकसभा

धर्मातरण मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार बाधित हुई. विपक्षी पार्टियों ने इस दौरान प्रधानमंत्री के बयान की मांग की लेकिन भाजपा सांसदों ने इससे इंकार कर दिया. इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया.

सोमवार की कार्रवाई के दौरान शून्य काल में कांग्रेस नेता के.सी.वेणुगोपाल ने केरल के एक मामले का हवाला देते हुए धर्मातरण का मुद्दा उठाया.

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने इस पर कहा कि इस मामले में न सरकार और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोई संलिप्तता है और यदि कोई कानून का उल्लंघन करता है, तो राज्य सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, "इस मामले में न तो कहीं सरकार है और न ही पार्टी (भाजपा). यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए." नायडू ने कहा, "पूरे देश में शांति है, कुछ लोग नाखुश हैं. आप इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं, इसे बाहर रखिए."

सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "विभिन्न राज्यों में प्रतिदिन 'घर वापसी' की घटनाएं घट रही हैं. सरकार परोक्ष रूप से इसका समर्थन कर रही है." इसके बाद विपक्ष तथा सत्ता पक्ष ने एक दूसरे पर आरोप मढ़ा.

जब विपक्षी सांसद अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए, तो लोकसभा उपाध्यक्ष एम.थंबीदुरई ने एक घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी. सदन में कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विपक्षी सांसदों ने नारे लगाना जारी रखा, जिसके बाद दो बार और कार्यवाही बाधित हुई.

इसी बीच, अध्यक्ष के आसन की ओर कथित रूप से कागज फेंकने के आरोप में थंबीदुरई ने राष्ट्रीय जनता दल सांसद पप्पू यादव को फटकार लगाई. मार्क्सकवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के ए.संपत की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा.