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जनता परिवार ने मोदी सरकार को घेरा

जनता परिवार ने मोदी सरकार को घेरा

नई दिल्ली. 22 दिसंबर 2014
 

जनता परिवार

पाँच दलों को मिलकर बने जनता परिवार ने सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर 'महाधरना' देकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. मोदी सरकार को आईना दिखाते हुए इन पांचों दलों ने सरकार पर वादाखिलाफी व देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का आरोप लगाया और कालेधन जैसे मुद्दों को उठाया.

इस महाधरने में समाजवादी पार्टी (सपा), जनता दल (युनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (सेक्युलर) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेताओं ने लोकसभा चुनाव के पूर्व किए गए वादों तथा धर्मातरण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हजारों लोगों को संबोधित करने से पहले उन्हें मोदी के चुनावी भाषणों की रिकार्डिग सुनाई. उसके बाद पूछा, "इस आवाज को पहचान रहे हैं न आप? क्या आप लोगों के खाते में 15-20 लाख रुपये आ गए? पैसे चेक से मिले या सीधे खाते में आ गए?"  उन्होंने सवाल उठाया, "राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार चुनाव पूर्व किए वादे पूरे करने में आखिर क्यों विफल है? कालाधन विदेश से वापस लाने का जो वादा किया गया था, वह कहां है?"

नीतीश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ईसाइयों और मुस्लिमों का जबरन धर्मातरण कराने वाले दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों पर कार्रवाई नहीं कर रही है. नीतीश ने कहा कि धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं होने दिया जाएगा.

सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने कहा, "धर्मातरण भाजपा की साजिश है, वह दंगे कराना चाहती है ताकि सरकार की विफलताओं से लोगों का ध्यान बंटा रहे." उन्होंने कहा, "मोदी ने सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और विदेशों से कालाधन वापस लाकर हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया था. यहां तक कि लोगों से कहा कि आप सभी बैंक खाते खुलवा लें, बहुत सारे लोगों ने खुलवा भी लिए, मगर पैसा कहां गया?"

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनी तो कोई देश भारत को आंख नहीं दिखा सकता, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर में रोज हमले हो रहे हैं और उधर चीन 70 किलोमीटर तक भारत में घुस आया और ठीक उसी वक्त मोदी चीन के राष्ट्रपति के साथ गुजरात में झूला झूल रहे थे.

लालू यादव ने स्वयंभू संत आसाराम बापू से भाजपा व आरएसएस के करीबी संबंध होने का आरोप भी लगाया और सवाल उठाया कि कालाधन वापस लाने की मांग को लेकर बाबा रामदेव ने इसी जंतर मंतर पर धरना दिया था, अब वह चुप क्यों हैं?