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असम: उग्रवादियों ने 65 लोगों को मारा

असम: उग्रवादियों ने 65 लोगों को मारा

गुवाहाटी. 24 दिसंबर 2014
 

murder

असम में मंगलवार को निहत्थे आदिवासियों पर हुए उग्रवादी हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है. मृतकों में 21 महिलाएं एवं 18 बच्चे हैं. प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इस जनसंहार के खिलाफ बुधवार को सड़कों पर हजारों लोग उतर आए. इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई.

मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने संवाददाताओं को बताया कि बोडो हमले में मंगलवार को 37 आदिवासी नागरिकों की सोनितपुर, 25 की कोकराझार और तीन की चिरांग जिले में मौत हो गई. गोगोई ने कहा कि प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने मुद्दे को गंभीरता से लिया है और हम आतंकवादियों के साथ दृढ़ता से निपटने के लिए तैयार हैं. हम उनके सामने समर्पण नहीं करेंगे. हम इस शक्ति को आगे नहीं बढ़ने देंगे."

मोदी ने हत्या पर अफसोस जाहिर किया है, और प्रत्येक मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से असम सरकार को 86 लाख रुपये दिए गए हैं. राजनाथ बुधवार शाम असम का दौरा करेंगे. उनके साथ गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू भी होंगे और वे हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे.

हत्या का आरोप नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के बातचीत के अनिच्छुक धड़े पर लगाया जा रहा है. हमला शाम 6.15 बजे तीन अलग-अलग जिलों में किया गया. एनडीएफबी के धड़े ने शांति की कोशिश का विरोध किया था और आगाह किया था कि असम पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जवाबी हमला करेगा. पुलिस कार्रवाई में रविवार को दो बोडो उग्रवादी मारे गए थे और पुलिस ने उनसे हथियार भी बरामद किए थे.

गोगोई ने कहा, "एनडीएफबी उग्रवादी ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है और वे बदले के लिए कमजोर लोगों को निशाना बनाना चाहते हैं." उन्होंने कहा, "यह बर्बर और अमानवीय कृत्य है. उन्होंने नाबालिग बच्चों की हत्या की. इन हत्यायों को न्यायोचित नहीं माना जा सकता."