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नदी बचाने में बच्चों की मदद लें: उमा भारती

नदी बचाने में बच्चों की मदद लें: उमा भारती

नई दिल्ली. 2 जनवरी 2015
 

उमा भारती

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि नदियों में प्रदूषण नहीं बढ़े, इसके लिए इस संबंध में उपयुक्त जागरूकता का प्रसार करने के लिए स्कूल स्तर से ही बच्चों को ज्ञान दिए जाने की जरूरत है. उमा भारती ने देश में नदी विकास से जुड़े विशाल काम को पूरा करने के लिए केंद्रीय सिंचाई एवं बिजली बोर्ड (सीबीआईपी) जैसी संस्थाओं को आगे आकर इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए.

भारती ने सीबीआईपी दिवस के मौके पर कहा कि हालांकि सरकार इसमें अपनी भूमिका निभाएगी, लेकिन समाज के सभी वर्गो को अपनी सक्रिय सहभागिता से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी नदियों में प्रदूषण न बढ़े. उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपयुक्त जागरूकता का प्रसार करने के लिए स्कूल स्तर से ही बच्चों को ज्ञान दिए जाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि जल संसाधन मंत्रालय का एक बहुत ही महत्वपूर्ण एजेंडा गंगा संरक्षण से संबद्ध है.

उमा ने कहा, "हम इस तरह की योजनाएं बना रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपशिष्ट जल पूर्ण रूप से शोधन के बाद ही गंगा में छोड़ा जाए ताकि इसकी पवित्रता को बरकरार रखा जा सके. अपनी सफलता के बाद यह कार्यक्रम एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा ताकि देश की अन्य प्रदूर्षित नदियों में जल की गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रक्रिया को दर्शाया जा सके."

उमा भारती ने देश में नदियों में प्रदूषण स्तर बढ़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर समस्या बन चुकी है जो मानव जाति, जीवों, मछलियों और नदियों में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं के लिए घातक है. उन्होंने कहा कि अंधाधुंध एवं असावधानीपूर्ण विकासात्मक गतिविधियों के परिणामस्वरूप स्वच्छ जल जो कभी हमारी धरोहर हुआ करता था, अब वह विभिन्न नगर-निगमों और औद्योगिक कचरों के निस्तारण का स्थान बनता जा रहा है.
 


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