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संदिग्ध नौका को चेतावनी देने पर विस्फोट

संदिग्ध नौका को चेतावनी देने पर विस्फोट

नई दिल्ली. 2 जनवरी 2014
 

पाकिस्तानी नौका

भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा के निकट अरब सागर में मछली पकड़ने वाली एक संदिग्ध पाकिस्तानी नौका को रोके जाने पर उसमें सवार लोगों ने विस्फोट कर उसे उड़ा दिया. इस संदिग्ध नौका को भारतीय तटरक्षक तथा नौसेना ने रोका जिसके बाद उसमें सवार लोगों ने नौका में आग लगा दी. माना जा रहा है कि ये नौका भी 26/11 जैसे किसी आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए लाई गई थी.

भारतीय तटरक्षक समूह के उप महानिदेशक के.आर.नौटियाल ने कहा कि यह नाटकीय घटना 31 दिसंबर की रात की है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जब तटरक्षक ने नौका को जांच के लिए रुकने को कहा, तो पहले तो उसने भागने का प्रयास किया. छह घंटे बाद उसने हिंद महासागर में नौका की तमाम लाइटें बुझा दी.

उन्होंने कहा कि इसके बाद उसमें सवार चार लोग छत के नीचे छिप गए और इसके बाद नौका में आग लगा दी, जिसके कारण विस्फोट हुआ. जिससे संकेत मिलता है कि वह विस्फोटक ले जा रहा था.  रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, नौका कराची के केटी बंदर से चली थी, जिसकी मंशा किसी अवैध आदान-प्रदान की थी.

खुफिया सूचना के आधार पर इस नौका की तलाश डोरनियर हवाई दस्ते ने किया था. 31 दिसंबर की रात गुजरात के पोरबंदर से 365 किलोमीटर दूर भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर भारतीय तटरक्षक के जहाजों तथा नौसेना के विमानों ने उस नौका को रोकने की कोशिश की. तटरक्षक के एक जहाज ने उस नौका को जांच के लिए रुकने की चेतावनी दी, लेकिन उसने अपनी गति और बढ़ाकर भागने का प्रयास किया.

बयान के मुताबिक, "करीब एक घंटे तक उस नौका का पीछा किया गया. गोलीबारी की चेतावनी देने के बाद उसे रोक पाने में सफलता मिली." उन्होंने कहा कि उस नौका पर कुल चार लोगों को देखा गया. इसके बाद नौका की तमाम लाइटें ऑफ कर दी गईं. अंत में संदिग्ध चालक दल ने खुद को जहाज की छत के नीचे छिपा लिया और नौका में आग लगा दी, जिसके बाद एक जोरदार धमाके के साथ भीषण आग लग गई.

बयान के मुताबिक, "अंधेरा, खराब मौसम तथा तेज हवाओं के कारण नौका तथा उसमें सवार लोगों को नहीं बचाया जा सका. नौका पूरी तरह जल गई और एक जनवरी की सुबह डूब गई. उन्होंने कहा, "कुछ ऐसा था, जो गंभीर था. नहीं तो भागने या लाइट ऑफ करने का कोई कारण ही नहीं था".


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