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भाजपा ने रोका घर वापसी अभियान: बेदी

नई दिल्ली. 24 जनवरी 2015
 

किरण बेदी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुख्यमंत्री उम्मीदवार किरण बेदी ने कहा है कि संघ परिवार में किनारे लगाए लोग 'घर वापसी' के लिए अभियान चला रहे थे, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने अंकुश लगाया है. टीवी कार्यक्रम आपकी अदालत में शनिवार को एक सवाल के जवाब में किरण ने कहा, "वे दरकिनार किए गए लोग हैं. उन्हें रोका गया है और संदेश दिया गया है. पार्टी नेतृत्व ने अपनी शैली में संदेश पहुंचाया है."

घर वापसी के मुद्दे पर मोदी की चुप्पी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "आपको कैसे पता कि मोदीजी चुप हैं? समस्या यह है कि पार्टी में फैसला कुछ होता है और मीडिया में खबरें कुछ और आती हैं. मुझे लगता है कि नेतृत्व को यह अधिकार है और प्रधानमंत्री को हर मुद्दे पर नहीं बोलना चाहिए."

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री इस बात को लेकर बेहद सजग हैं कि कहां क्या बोलना है. उनका एजेंडा एक ही है-सबका साथ, सबका विकास."

किरण ने हालांकि यह भी कहा कि घर वापसी कोई अपराध नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि तब अंकुश लगाए जाने की बात का प्रचार क्यों? मगर इस सवाल को झटकते हुए उन्होंने कहा, "न तो घर वापसी अपराध है और न ही धर्मातरण. भारत में अपनी इच्छा से धर्म बदलने का सबको अधिकार है, हां बलपूर्वक धर्मातरण कानूनन अपराध है."

किरण ने आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली के मतदाताओं के साथ उन्होंने न केवल छल किया, बल्कि अनशन के पहले गांधीवादी नेता अन्ना हजारे को भी गुमराह किया. हालांकि पूर्व आईपीएस अधिकारी हालांकि इस बात का जबाव नहीं दे पाईं कि अन्ना की मुहिम भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन कांग्रेस विरोधी आंदोलन में कैसे तब्दील हो गया.



 


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