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धर्म के नाम पर न बंटे भारत: ओबामा

धर्म के नाम पर न बंटे भारत: ओबामा

नई दिल्ली. 27 जनवरी 2015
 

ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि हर व्यक्ति को बिना किसी उत्पीड़न के अपनी आस्था का पालन करने का अधिकार है और भारत तब तक सफल रहेगा जब तक वह धार्मिक आधार पर नहीं बंटेगा. ये विचार उन्होंने भारत की तीन दिवसीय यात्रा समाप्त करने से पहले दिल्ली के सिरीफोर्ट में प्रकट किए.

ओबामा ने समाज में विविधता के बारे में बात करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख, यहूदी, बौद्ध और जैन रहते हैं. हर व्यक्ति बिना किसी उत्पीड़न, डर या भेदभाव के अपनी आस्था का अभ्यास करने के लिए स्वतंत्र है. भारत सफल होता रहेगा, जब तक वह धार्मिक श्रद्धा के आधार पर न बंटे.

ओबामा के इस बयान को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत देने वाला करार दिया है और सवाल किया कि क्या वे (मोदी) विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 'घर वापसी अभियान' तथा धर्म परिवर्तन अभियान को रोकने का साहस दिखा पाएंगे.

सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मोदी अपने को ओबामा का दोस्त बताते हैं और ओबामा उन्हें धर्म को लेकर नसीहत दे गए हैं, क्या मोदी उससे सीख लेंगे. साथ ही दिग्विजय ने यह भी कहा कि मुझे नहीं लगता कि मोदी घर वापसी का अभियान चलाने वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और धर्म परिवर्तन की बात करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मोहन भागवत को रोकने का साहस दिखा पाएंगे.