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कोली का मृत्युदंड उम्रकैद में बदला

कोली का मृत्युदंड उम्रकैद में बदला

इलाहाबाद. 28 जनवरी 2015
 

कोली

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निठारी हत्याकांड में मृत्युदंड का सामना कर रहे सुरिंदर कोली की सजा आजीवन कारावास में बदल दी है. बुधवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.के.एस. बघेल की पीठ ने एनजीओ पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स की ओर से दायर एक याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया.

गौरतलब है कि कोली को रिम्पा हलदर की हत्या करने का दोषी ठहराया गया है. हलदर नोएडा में दिसंबर 2006 में लापता हो गई थीं. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि कोली की दया याचिका पर निर्णय लेने में राष्ट्रपति ने काफी देरी की और इसलिए मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि नोएडा के निठारी गांव में 2005 में कई बच्चे लापता हो गए थे. उस वर्ष दिसंबर में पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंधेर के बंगले पर छापा मारा था और उसे तथा उसके घरेलू नौकर कोली को गिरफ्तार कर लिया था. कोली के बंगले के पिछवाड़े से और पास के नाले से कुछ हड्डियां बरामद हुई थीं.


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