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आरबीआई दरों में कटौती की संभावना कम

आरबीआई दरों में कटौती की संभावना कम

नई दिल्ली. 2 फरवरी 2014
 

राजन

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंगलवार को होने वाली नीतिगत समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती की संभावनाएं कम हैं, क्योंकि आरबीआई जनवरी में पहले ही ब्याज दरों में अप्रत्याशित कटौती कर चुका है. आरबीआई के गर्वनर रघुराम राजन ने जनवरी के मध्य में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी.

इस कटौती के बाद रेपो दर आठ प्रतिशत से घट कर 7.75 प्रतिशत हो गई थी. रेपो दर वह दर है, जिस पर आरबीआई किसी व्यावसायिक बैंक को कर्ज देता है. रेपो दर में लगभग दो सालों में की गई यह पहली कटौती थी.

उस समय कटौती का ऐलान करते वक्त राजन ने कहा था, "ब्याज दरों में आगामी कटौती उस आंकड़े पर निर्भर करेगा, जो इस बात की पुष्टि करेगा कि कि महंगाई के दबाव लगातार घट रहा है."

सरकार ने राजकोषीय घाटे को मार्च तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.1 प्रतिशत तक नियंत्रित रखने का लक्ष्य रखा है. शुक्रवार को जारी राजकोषीय घाटे के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में वित्तीय घाटा बजट के अनुमान से अधिक रहा है. हालांकि उसी दिन सरकार को कोल इंडिया के विनिवेश के जरिए 22,000 करोड़ रुपये की आमदनी हुई.

एनडीए सरकार का पहला विस्तृत बजट 28 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से अगले वित्त वर्ष में विकास दर की रूपरेखा और नकदी के आवंटन का खाका पेश होगा.


 


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