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नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषियों की सज़ा बढ़ी

नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषियों की सज़ा बढ़ी

नई दिल्ली. 6 फरवरी 2015
 

katara murder

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को नीतीश कटारा हत्याकांड में 30 साल कैद की सजा सुनाई है. विकास और विशाल को हत्या के लिए 5 साल की कैद, जबकि सबूत नष्ट करने के लिए पांच साल की कैद सुनाई है. ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. न्यायालय में थे न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति जे.आर. मिधा की विशेष पीठ ने प्रत्येक पर 54 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

न्यायालय ने कहा कि दोषियों को सजा में कोई छूट नहीं मिलेगी. नीतीश विकास की बहन के मित्र इस मामले में विकास, विशाल तथा सुखदेव पहलवान को मृत्युदंड देने की पुलिस तथा नीतीश कटारा की मां की अपील खारिज कर दी.

इस मामले में न्यायालय ने पहलवान को 25 साल की जेल की सजा तथा 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है. पीठ ने कहा कि दोषियों को सजा में कोई छूट नहीं मिलेगी. विकास तथा विशाल के वकील ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे. पीठ ने कहा है कि तीनों हत्यारों को मृत्युदंड की मांग करने वाली नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा को यादव बंधुओं से मुआवजे के तौर पर 40 लाख रुपये मिलेंगे.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विकास यादव तथा विशाल यादव ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के एक विवाह समारोह से नीतीश कटारा को अगवा किया और 17 फरवरी, 2002 की रात उसकी हत्या कर दी. दोनों अपनी बहन भारती से कटारा की दोस्ती का विरोध करते थे.

विकास तथा विशाल को साल 2008 में कटारा की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था. कटारा के पिता भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी रहे हैं.
 


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