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नीतीश फिर बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश फिर बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री

पटना. 7 फरवरी 2015
 

nitish kumar

बिहार में सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) में चल रही उठापटक के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है. मुख्यमंत्री मांझी ने जहां अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के बहुमत को दरकिनार करते हुए राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी, वहीं नीतीश ने इस बात के स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे सत्ता के शिखर पर फिर से आसीन हो सकते हैं.

इस ताजा घटनाक्रम से पहले मांझी ने नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास पर जाकर मुलाकात की और 'सुलह' का प्रयास किया था. जदयू में जीतन को नेता पद से हटाकर नया नेता चुनने का दबाव बढ़ने से संकट गहरा गया था.

शाम को होने वाली इस बैठक के पहले मांझी ने भी मंत्रिमंडल की बैठक आनन-फानन में बुलाई थी. बंद कमरे में हुई बैठक में मंत्रियों के साथ पार्टी के कुछ नेता मौजूद थे. मंत्रिमंडल की बैठक में मांझी ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने का फैसला लिया.

मांझी के करीबी जदयू नेताओं के मुताबिक, मुख्यमंत्री विधानसभा भंग करने संबंधी प्रस्ताव को राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के पास भेजने के लिए तैयार हैं.

दूसरी तरफ शाम को हुई विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को नया नेता चुन लिया गया. पार्टी एक नेता ने कहा, "जदयू के 115 में से करीब 100 विधायक बैठक में मौजूद थे. उन्होंने नीतीश कुमार को नया नेता चुना." शरद यादव ने मांझी को बदले जाने के अनुमान के बीच बैठक बुलाई थी.

नेतृत्व के मुद्दे पर शुक्रवार को संकट तब और गहरा गया था जब नीतीश कुमार के समर्थक और मांझी एवं पार्टी के भीतर उनके समर्थकों के बीच जबानी जंग हो गई थी. मुख्यमंत्री ने शनिवार को बुलाई गई जदयू विधायक दल की बैठक को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दे दिया था. इसके बाद नीतीश खेमे ने मांझी के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी थी.

मांझी ने हालांकि 20 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाई थी.
 


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