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आप-कांग्रेस को आयकर विभाग का नोटिस

आप-कांग्रेस को आयकर विभाग का नोटिस

नई दिल्ली. 11 फरवरी 2015
 

आप

आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी को संदिग्ध स्रोत से चंदा मिलने के आरोप पर स्पष्टीकरण देने के लिए एक नोटिस जारी किया है. यह आरोप पार्टी से अलग हुए एक दल आवाम ने लगाया था जिसे पार्टी ने बेबुनियाद बताया है. इसके अलावा कांग्रेस को भी ऐसा ही एक नोटिस मिला है जिसे पार्टी ने दुर्भावना से प्रेरित बताया है.

वित्त मंत्रालय के अधीन केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड (सीबीडीटी) के तहत काम करने वाले आयकर विभाग ने पार्टी को 16 फरवरी तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है. नोटिस का जवाब दाखिल करने से दो दिन पहले अरविंद केजरीवाल का दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण होने वाला है.

आप के प्रमुख अधिकारी को संबोधित नोटिस में कहा गया है कि चार कंपनियों ने पार्टी को पैसे हस्तांतरित किए और 'जांच में खुलासा हुआ है कि ऐसी कंपनियां प्रथम दृष्टया सही नहीं हैं. बैंक और सरकारी एजेंसियों में उल्लेखित पते पर कंपनियां और निदेशक उपलब्ध नहीं थे.'

चुनाव परिणाम सामने आने से एक दिन पहले नोटिस 9 फरवरी को भेजा गया. दिल्ली विधानसभा चुनाव में अजेय बहुमत से विजयी हुई आप ने 70 सीटों में से 67 पर कब्जा जमा लिया था.

इससे पहले भी 7 फरवरी को मतदान होने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरोप लगाया था कि आप संदिग्ध चंदा लेते रंगे हाथ पकड़ी गई. यह चंदा ऐसी कंपनियों से मिला है, जिसका कोई कारोबार नहीं है. जेटली ने यह भी आरोप लगाया कि आप के नेता मुद्दे से ध्यान हटाने की नीति के तहत काम कर रहे हैं.

जेटली ने कहा था कि पार्टी को चार कंपनियों से कुल दो करोड़ रुपये 50 लाख रुपये के चेक के रूप में मिले थे. लेकिन आप ने इन आरोपों का खंडन किया था.

आरोप का खंडन करते हुए केजरीवाल ने ट्विटर पर एक संदेश में कहा था, "श्रीमान वित्त मंत्री, कीचड़ उछालना बंद कीजिए. कार्रवाई कीजिए. यदि मैं दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार कीजिए. वित्त मंत्रालय का कहना है कि हमने हवाला के जरिए चंदा लिया है. हवाला का पैसा चेक से लिया है. मैं मंत्रालय को चुनौती देता हूं कि यदि मैंने हवाला का पैसा लिया है, तो मुझे गिरफ्तार करें."

आप ने सुप्रीम कोर्ट से ये गुजारिश भी की थी कि उनकी पार्टी एवं कांग्रेस-भाजपा को मिलने वाले चंदे के स्त्रोतों की जाँच की जाए.