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आप का विदेशी चंदा कानून संगत

आप का विदेशी चंदा कानून संगत

नई दिल्ली. 18 फरवरी 2015
 

आप

केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) के विदेशी चंदे की जांच करने के बाद उसमें विदेश योगदान अधिनियम (एफसीआरए) कानून का उल्लंघन होना कहीं नहीं पाया गया है.

मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति आर. एस. एंडलॉ की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. पीठ ने इसके अलावा इस संबंध में गृह मंत्रालय को अपनी पुनरीक्षित या ताजा जानकारी के साथ रिपोर्ट बुधवार शाम 4 बजे तक सील बंद लिफाफे में पेश करने को कहा है.

इससे पहले खंडपीठ ने आप द्वारा पूर्व में और वर्तमान में कानून का उल्लंघन कर जुटाए गए विदेशी धन की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका (पीआईएल) पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

यह जनहित याचिका वकील एम. एल. शर्मा ने आप के शीर्षस्थ नेता अरविंद केजरीवाल एवं अन्य के खिलाफ दायर की है. याची वकील ने कहा है कि आप ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट-फेरा) का उल्लंघन कर विदेशों से धन हासिल किया है.

केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पूर्व में सरकार ने मुद्दे की जांच कराई और स्थिति रिपोर्ट पेश की और आप के खिलाफ कुछ भी नहीं पाया. उन्होंने बताया, "मामले की जांच की गई, कुछ भी नहीं पाया गया."

हाल ही में आप स्वयंसेवी एक्शन मार्च (आवाम) ने आरोप लगाया कि पार्टी ने दिल्ली के स्लम में पंजीकृत कंपनियों से चार समान किश्तों पर 2 करोड़ रुपये लिए. इन कंपनियों के निदेशक समान हैं. आवाम में शामिल स्वयंसेवी पिछले वर्ष अगस्त में आप से अलग हुए थे.

शर्मा ने दावा किया कि दुबई एवं अन्य देशों से दिल्ली में खास तौर से मुस्लिम समुदाय को फोन आए और आप को समर्थन देने का आग्रह किया गया.

गौरतलब है कि आम आदमा पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने सर्वोच्च न्यायालय से चंदा लेने वाले सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की जांच करने के लिए एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया था.
 


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