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दस्तावेज चोरी मामले में दो और गिरफ्तार

दस्तावेज चोरी मामले में दो और गिरफ्तार

नई दिल्ली. 25 फरवरी 2015
 

गिरफ्तार

पेट्रोलियम और अन्य मंत्रालयों के दफ्तर से गोपनीय दस्तावेज चुराने के मामले में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. संयुक्त पुलिस आयुक्त (आपराधिक शाखा) के रविंद्र यादव ने कहा कि दोनों को द्वारका जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

दिल्ली पुलिस ने दस्तावेजों के लीक होने के मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है.  दिल्ली पुलिस ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के निजी सहायक जतिंद्र नागपाल और यूपीएससी के एक सदस्य के निजी सहायक विपन कुमार को बुधवार रात गिरफ्तार किया.

पुलिस ने बताया कि दोनों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया था और उनसे पेट्रोलियम और अन्य मंत्रालयों के दस्तावेज लीक मामले में पूछताछ की गई थी.  दस्तावेज लीक मामले का खुलासा 17 फरवरी की रात को शास्त्री भवन के दो पूर्व एमटीएस कर्मचारियों की गिरफ्तारी से हुई थी.

पुलिस ने बताया कि विपन कुमार ने पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में काम किया था और मंत्रालय में संपर्क के कारण उसे गुप्त और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिल जाते थे. उसने 1996 में मंत्रालय में स्टेनोग्राफर का काम शुरू किया था.  पुलिस ने बताया कि 1996-2010 के बीच विपन ने अपने संपर्क के लोगों की मदद से दस्तावेज चुराए थे और उसे कारपोरेट घरानों को दे दिया था.

नागपाल ने 1994 में कानून एवं न्याय मंत्रालय में स्टेनोग्राफर का काम शुरू किया था और 2007 तक सेवाएं दी थीं. 2001-2003 के बीच उसने रसायन और उवर्रक मंत्रालय में काम किया और विपन एवं इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी लोकेश शर्मा और अन्य लोगों से दस्तावेज प्राप्त किए.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (आपराधिक शाखा) के रविंद्र यादव ने कहा, "नागपाल और विपन ने यह खुलासा किया कि वह कई सालों तक गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल रहे हैं. वे एक ही ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते थे, जिसके जरिए वे अपने कुछ ग्राहकों को दस्तावेज भेजते थे."
 


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