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रेल बजट: सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

रेल बजट: सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली. 4 फरवरी 2015
 

मोदी

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने अपने पहले रेल बजट में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया है. बजट में 400 स्टेशनों पर वाई-फाई की व्यवस्था, एस्केलेटरों के लिए अधिक आवंटन, अनारक्षित टिकटों के लिए आसान नियम, रेलगाड़ियों में 17 हजार जैविक शौचालय, पूर्वोत्तर के लिए बेहतर संपर्क और महिला सुरक्षा के लिए कैमरे जैसे प्रावधान किए गए.

इस बजट में माल भाड़ा 10 फीसदी बढ़ा दिया है, जबकि यात्री किराए में वृद्धि नहीं की है. रेलमंत्री ने नई ट्रेनें शुरु करने की घोषणा भी नहीं की है.

रेलमंत्री ने सेवा की गुणवत्ता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई घोषणाएं कीं और योजना मद को 52 फीसदी बढ़ाकर 2015-16 के लिए 1,00,011 करोड़ रुपये (16.7 अरब डॉलर) का कर दिया.

बजट प्रस्तावों के तहत नौ मार्गो पर कुछ यात्री रेलगाड़ियों की गति 50 फीसदी बढ़ेगी, माल गाड़ी की गति भी बढ़ाई जाएगी, ऊपर वाले बर्थ पर जाने के लिए सुविधाजनक सीढ़ियों की व्यवस्था की जाएगी.

लोकसभा में करीब एक घंटे के बजट भाषण में प्रभु ने कहा, "यात्री किराये में कोई वृद्धि नहीं होगी. हम यात्री सुविधा पर अधिक ध्यान देंगे, जिसमें स्वच्छता भी शामिल है."

प्रभु ने अपने बजट भाषण में माल भाड़ा बढ़ाने का हालांकि जिक्र नहीं किया, फिर भी उन्होंने जीड़ल कीमतें घटने के बावजूद इसमें 2.1 फीसदी से लेकर 10 फीसदी तक की वृद्धि की. गौरतलब है कि जुलाई में प्रस्तुत रेल बजट में मोदी सरकार ने यात्री किराये में करीब 15 फीसदी और माल भाड़े में 6.5 फीसदी वृद्धि की थी.

मंत्री ने संचालन अनुपात को घटाकर 88.5 फीसदी करने का लक्ष्य दिया. इसका मतलब है कि प्रत्येक 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे 88.5 रुपये खर्च करेगी. यानी शेष बचत होगा, जिसका उपयोग सुरक्षा और विस्तार पर किया जा सकेगा.
 


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