पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना > > Print | Share This  

श्रीनिवासन ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

श्रीनिवासन ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

नई दिल्ली. 27 फरवरी 2015
 

पेट्रोल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्वासित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने आठ फरवरी को बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी मांग ली है.

श्रीनिवासन ने कहा कि न्यायालय के आदेश को नहीं समझ पाने के कारण गलफहमी में ऐसा हुआ. श्रीनिवासन ने न्यायालय से कहा, "मैं न्यायालय से क्षमा मांगता हूं. हमने आदेश के पत्र को देखा लेकिन उसका सही अर्थ नहीं समझ सके."

श्रीनिवासन के माफीनामे को मंजूर करते हुए न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर और फकीर मोहम्मद इब्राहिम कलिफुल्ला की पीठ ने उन्हें दो मार्च को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) की ओर से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की भी इजाजत दे दी.

न्यायालय ने हालांकि साफ किया कि श्रीनिवासन टीएनसीए के अध्यक्ष नहीं, बल्कि केवल प्रतिनिधि के रूप में अपना मत देंगे.

न्यायालय ने श्रीनिवासन पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स में हिस्सेदारी सहित बीसीसीआई के अध्यक्ष के तौर पर भी कार्य करने लिए हितों के टकराव की स्थिति की बात कही थी और जनवरी में उन्हें बीसीसीआई की सभी बैठकों से अलग रहने का भी निर्देश दिया था.

श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन पहले ही 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सट्टेबाजी के दोषी पाए जा चुके हैं.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in