पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

बजट सिर्फ कॉर्पोरेट जगत के लिए हितकारी: चिदंबरम

बजट सिर्फ कॉर्पोरेट जगत के लिए हितकारी: चिदंबरम

नई दिल्ली. 28 फरवरी 2015
 

चिदंबरम

यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बजट गरीबों के खिलाफ तथा कॉरपोरेट समर्थक है, साथ ही कमजोर वर्ग के लिए राशि आवंटन में भी बेदर्दी से कटौती की गई है.

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग सरकार ने अर्थव्यवस्था को अच्छी स्थिति में छोड़ा था, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में इस बात को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सरकार ने योजना आयोग को खत्म कर दिया उसी तरह वह योजनाओं को भी खत्म कर सकती है.

चिदंबरम ने कहा कि बजट में कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आवंटन में बेहद बेदर्दी से कटौती की गई है. उन्होंने कहा कि कुछ कार्यक्रमों जैसे अनुसूचित जाति उप योजना, समेकित बाल विकास सेवाएं तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों में मौजूदा वित्त वर्ष तुलना में आवंटन में कमी की गई है.

चिदंबरम ने कहा कि गरीबों को बजट से कोई राहत तो नहीं, मिली उलटे उन्हें ज्यादा कर भरना पड़ेगाय उन्होंने यह भी कहा कि ये बजट कॉरपोरेट के पक्ष में है और अगले साल की शुरुआत में कॉरपोरेट वर्ग को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्मीद है.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in